क्यों आई इतनी तेजी?
बाजार में यह उम्मीदें ज़ोरों पर हैं कि N Chandrasekaran को Tata Sons के चेयरमैन के तौर पर तीसरा कार्यकाल मिल सकता है। Tata Sons का बोर्ड 24 फरवरी, 2026 को इस एक्सटेंशन पर विचार करने वाला है। Tata Group के लिए यह एक रणनीतिक विस्तार का समय है, और ऐसे में नेतृत्व में स्थिरता को Tata Investment Corporation जैसे मुख्य निवेश वाले हिस्से के लिए बहुत सकारात्मक माना जा रहा है। इसी खबर के चलते शेयर में जोरदार उछाल आया है। 20 फरवरी, 2026 को शेयर ने इंट्रा-डे में ₹741.70 का स्तर छुआ, और पिछले पांच दिनों में शेयर 14% से ज्यादा चढ़ चुका है। फरवरी की शुरुआत में यह ₹604.75 पर था, जो 19 फरवरी, 2026 तक बढ़कर ₹727 के इंट्रा-डे हाई पर पहुंच गया। ट्रेडिंग वॉल्यूम में भी खास बढ़ोतरी देखी गई है, जो निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी को दिखाती है।
क्या वैल्युएशन चिंता का विषय है?
इस ताबड़तोड़ तेजी के बावजूद, Tata Investment Corporation का मौजूदा वैल्युएशन चिंता पैदा कर रहा है। कंपनी का पिछले बारह महीनों का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेशियो लगभग 112-113 के आसपास है। वहीं, इसी सेक्टर की अन्य कंपनियों का एवरेज P/E रेशियो करीब 50.8x या कुछ एनालिसिस के मुताबिक 26.41x है। एक रिपोर्ट के अनुसार, Tata Investment का P/E 80x है, जबकि साथियों का एवरेज 50.8x है, जो इसे काफी महंगा बनाता है। ऐतिहासिक रूप से, इस शेयर ने लंबी अवधि में निवेशकों को दोगुना से ज्यादा का रिटर्न दिया है। कंपनी ने 1:10 के स्टॉक स्प्लिट को भी मंजूरी दी थी, जिसकी रिकॉर्ड डेट 14 अक्टूबर, 2025 थी। इस रैली से पहले शेयर का 52-हफ्ते का दायरा ₹1,184 से ₹569.83 तक था।
एनालिस्ट क्या कहते हैं?
कुछ एनालिस्टों का मानना है कि शेयर में और तेजी आ सकती है। Angel One के Rajesh Bhosale और Axis Direct के Rajesh Palviya जैसे एनालिस्टों ने ₹830 और ₹820-850 तक के टारगेट प्राइस दिए हैं। हालांकि, MarketsMOJO ने दिसंबर 2025 में ही इस शेयर को 'Sell' रेटिंग दी थी, जो एक विपरीत नजरिया प्रस्तुत करता है।
NBFC सेक्टर का माहौल और आगे क्या?
भारतीय NBFC सेक्टर के लिए FY26 में 15-17% की ग्रोथ का अनुमान है। हालांकि, माइक्रोफाइनेंस संस्थानों जैसे कुछ सेगमेंट में एसेट क्वालिटी को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। इसके बावजूद, सेक्टर की ओवरऑल फाइनेंशियल मजबूती और स्थिर कैपिटल एडिक्वेसी को भी नोट किया गया है।
आगे का रास्ता
अब यह देखना होगा कि N Chandrasekaran के कार्यकाल की पुष्टि होती है या नहीं और कंपनी अपने निवेश से लगातार मुनाफा कमाने में कितनी सफल रहती है। एनालिस्टों के टारगेट अच्छे लग रहे हैं, लेकिन निवेशकों को मौजूदा हाई वैल्युएशन और मिली-जुली सेक्टर की चालों को ध्यान में रखना होगा। कंपनी ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त तिमाही के लिए अपनी फाइलिंग 30 जनवरी, 2026 को रिपोर्ट की थी, जो भविष्य के वित्तीय आकलन का आधार बनेगी।