Tata Capital के शेयरधारकों के लिए अच्छी खबर है! कंपनी के जून तिमाही के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे हैं, जिसके चलते शेयर में **2.15%** की तेज़ी देखी गई और यह **₹368.35** पर कारोबार कर रहा है। कंपनी ने अपने रेवेन्यू में **15%** की बढ़ोतरी दर्ज की है। इसके साथ ही, Tata Capital गोल्ड लोन सेगमेंट में भी कदम रख रही है।
रेवेन्यू में 15% की उछाल
Tata Capital ने जून 2026 को समाप्त तिमाही के लिए अपने नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹8,821.93 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 15.10% ज़्यादा है। यह मज़बूत परफॉरमेंस निवेशकों का भरोसा बढ़ा रही है।
गोल्ड लोन में एंट्री की तैयारी
कंपनी सिर्फ अपने पुराने बिजनेस पर ही फोकस नहीं कर रही, बल्कि विस्तार भी कर रही है। जुलाई 2026 के आखिर में, बोर्ड ने योगक्षेमम लोंस लिमिटेड (Yogakshemam Loans Limited) के अधिग्रहण को मंज़ूरी दी है। इस कदम से Tata Capital गोल्ड लोन बिज़नेस में अपनी शुरुआत कर रही है। यह एक सुरक्षित (Secured) लेंडिंग सेगमेंट है, जिससे कंपनी को जोखिम कम करने में मदद मिल सकती है।
बड़ा लोन बुक और रेगुलेशन
Tata Capital का लोन बुक साइज़ काफी बड़ा है, जो लगभग ₹2.77 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। यह भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा 'अपर लेयर' NBFC के तौर पर रेगुलेट होती है, यानी इस पर कड़ी नज़र रखी जाती है। मार्च 2026 को खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर में कंपनी का रेवेन्यू ₹31,539.89 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹4,886.05 करोड़ रहा था।
वैल्यूएशन और जोखिम
हालांकि, निवेशकों को कुछ बातों पर ध्यान देना चाहिए। ब्रोकरेज फर्मों के मुताबिक, Tata Capital के शेयर की कीमत अभी बुक वैल्यू से ज़्यादा है, जिसे वैल्यूएशन प्रीमियम कहा जाता है। इसका मतलब है कि शेयर में पहले से ही ग्रोथ की उम्मीदें शामिल हैं। अगर कंपनी ग्रोथ की रफ्तार बनाए नहीं रख पाती, तो शेयर पर दबाव आ सकता है। साथ ही, इतने बड़े लोन बुक में क्रेडिट और एसेट क्वालिटी का जोखिम हमेशा बना रहता है। अगर अर्थव्यवस्था धीमी होती है, तो उधारकर्ताओं की किश्त चुकाने की क्षमता पर असर पड़ सकता है, जिससे कंपनी के मुनाफे पर भी असर पड़ सकता है।
