Tata Capital ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट **51%** बढ़कर **₹1,660 करोड़** हो गया है, जबकि कंपनी का कुल लोन बुक **₹3 लाख करोड़** के माइलस्टोन को पार कर गया है।
मुनाफे में रॉकेट जैसी तेजी
कंपनी ने दूसरी तिमाही में बेहतरीन नतीजे पेश किए हैं। इसका मुख्य कारण नेट इंटरेस्ट इनकम में हुई 23% की वृद्धि है, जो बढ़कर ₹3,696 करोड़ पर पहुंच गई है। लागत को नियंत्रित रखने और टॉप लाइन ग्रोथ के बीच तालमेल ने इन नतीजों को सपोर्ट दिया है।
बिजनेस स्ट्रेटेजी में बड़ा बदलाव
कंपनी ने अपने पोर्टफोलियो में बड़ा बदलाव किया है। लोन बुक का विस्तार ₹3 लाख करोड़ के पार पहुंच चुका है। खास बात यह है कि कंपनी अब मोटर फाइनेंस और रिटेल लोन से फोकस हटाकर SME और कॉर्पोरेट लेंडिंग पर जोर दे रही है। अब SME सेगमेंट का हिस्सा 28.7% और कॉर्पोरेट सेगमेंट का हिस्सा 14.6% हो गया है।
रिस्क और प्रोविजनिंग का गणित
मुनाफे में उछाल का एक बड़ा कारण प्रोविजनिंग में कटौती भी है। कंपनी ने लोन लॉस प्रोविजन्स में 16.6% की कमी की है, जो अब घटकर ₹645 करोड़ रह गए हैं। यह संकेत देता है कि मैनेजमेंट को अपनी एसेट क्वालिटी पर काफी भरोसा है। इसके अलावा, Tata Capital Housing Finance का योगदान भी कंपनी की वित्तीय सेहत के लिए अहम बना हुआ है।
सेक्टर का रुख और चुनौतियां
RBI के सख्त रेगुलेटरी माहौल के बीच, कंपनी की यह रणनीति काफी मायने रखती है। अब बाजार की नजर इस बात पर होगी कि SME और कॉर्पोरेट पोर्टफोलियो में एसेट क्वालिटी कैसी बनी रहती है। निवेशकों को आने वाली तिमाहियों में यह देखना होगा कि क्या कंपनी बढ़ते लोन बुक के साथ अपने रिस्क मैनेजमेंट को बरकरार रख पाती है या नहीं।
