Tata Capital Q1 Profit रॉकेट पर! 56% उछलकर पहुंचा ₹1,628 करोड़, जानिए वजह

BANKINGFINANCE
Whalesbook Logo
AuthorAditya Rao|Published at:
Tata Capital Q1 Profit रॉकेट पर! 56% उछलकर पहुंचा ₹1,628 करोड़, जानिए वजह

Tata Capital ने नए फाइनेंशियल ईयर की शानदार शुरुआत की है। कंपनी का पहली तिमाही का मुनाफा **56%** बढ़कर **₹1,628 करोड़** हो गया है। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से ज्यादा लोन इनकम और कम क्रेडिट कॉस्ट के कारण हुई है। कंपनी का रेवेन्यू **15.1%** बढ़कर **₹8,822 करोड़** रहा, वहीं एसेट क्वालिटी में भी सुधार देखा गया, क्योंकि ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) घटकर **2.45%** हो गए।

Detailed Coverage

कैसे हुई इतनी बड़ी बढ़ोतरी?

Tata Capital के मैनेजमेंट ने बताया कि रिटेल और कॉर्पोरेट दोनों सेगमेंट में लोन एक्टिविटी बढ़ने और संभावित लोन हानियों के लिए रखे गए पैसे में कमी आने से यह ग्रोथ संभव हुई है। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 15.1% बढ़कर ₹8,822 करोड़ तक पहुंच गया।

एसेट क्वालिटी में हुआ सुधार

कंपनी की एसेट क्वालिटी में भी इस तिमाही में सुधार देखने को मिला है। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) यानी बैड लोंस का आंकड़ा पिछले साल के 2.62% से घटकर 2.45% पर आ गया है। वहीं, नेट NPA भी पिछले साल के 1.24% से सुधरकर 1.07% हो गया है। भविष्य के जोखिमों से निपटने के लिए, कंपनी ने प्रोविजन कवरेज रेशियो को बढ़ाकर 56.99% कर दिया है, जो लोन की सुरक्षा को लेकर एक सतर्क रणनीति दिखाता है। कंपनी का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो, जो वित्तीय झटकों को झेलने की क्षमता को मापता है, 18.46% रहा, जो लोन ग्रोथ को सपोर्ट करने के लिए एक स्थिर वित्तीय स्थिति का संकेत देता है।

आगे की रणनीति: अधिग्रहण पर फोकस

अपने ग्रोथ प्लान के तहत, Tata Capital गोल्ड-लोन में विशेषज्ञता रखने वाली नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी Yogakshemam Loans Ltd (Yogloans) के अधिग्रहण की कोशिशों में लगी हुई है। यह डील अभी रेगुलेटरी अप्रूवल के इंतजार में है और इसका मकसद कंपनी के सिक्योर लेंडिंग प्रोडक्ट्स के शेयर को बढ़ाना है।

कॉर्पोरेट गवर्नेंस और भविष्य की राह

कॉर्पोरेट गवर्नेंस के मोर्चे पर, कंपनी ने Sarita Kamath को अगले तीन साल के लिए चीफ कंप्लायंस ऑफिसर के तौर पर फिर से नियुक्त किया है। इससे रेगुलेटरी निगरानी में निरंतरता बनी रहेगी।

निवेशकों की निगाहें अब Yogloans के अधिग्रहण की प्रगति पर होंगी और यह कंपनी के लोन बुक को कैसे प्रभावित करता है। इसके अलावा, बढ़ते लोन पोर्टफोलियो के साथ एसेट क्वालिटी को बनाए रखना कंपनी के लिए एक अहम फैक्टर बना रहेगा, क्योंकि वह कॉम्पिटिटिव फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में आगे बढ़ रही है। कंपनी ने यह भी कन्फर्म किया है कि हाल ही में इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) से जुटाई गई धनराशि का इस्तेमाल कैपिटल बेस को मजबूत करने और भविष्य के लोन ग्रोथ को फंड करने के लिए किया जा रहा है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.