टाटा कैपिटल के लिए पहली तिमाही शानदार रही। कंपनी का नेट प्रॉफिट **56%** बढ़कर **₹1,547 करोड़** हो गया है। साथ ही, कंपनी गोल्ड लोन मार्केट में कदम रखने की तैयारी में है।
Detailed Coverage
दमदार नतीजों से शेयर में तेजी
टाटा कैपिटल ने जून 2026 में समाप्त पहली तिमाही में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 56% बढ़कर ₹1,547 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले साल की इसी अवधि में ₹990 करोड़ था। कंपनी की नेट इंटरेस्ट इनकम में 25% की बढ़ोतरी हुई है, जो ₹3,571 करोड़ रही। इसके अलावा, फी इनकम में भी 20% का इजाफा देखने को मिला है।
गोल्ड लोन में उतरेगी कंपनी
अपने रिटेल पोर्टफोलियो को डाइवर्सिफाई करने की रणनीति के तहत, टाटा कैपिटल ने योगक्षेमम लोन्स लिमिटेड (Yogakshemam Loans Limited) में 88.6% हिस्सेदारी खरीदने का ऐलान किया है। इस कदम से कंपनी गोल्ड लोन बिजनेस में औपचारिक तौर पर एंट्री करेगी। मैनेजमेंट का लक्ष्य अगले कुछ सालों में इस सेगमेंट में ₹4,000 से ₹5,000 करोड़ का पोर्टफोलियो बनाना है। इसके लिए 500 नई ब्रांच खोलने की भी योजना है। हालांकि, इस अधिग्रहण को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से मंजूरी मिलनी बाकी है, जो 2026 के अंत तक पूरी होने की उम्मीद है।
मजबूत फाइनेंशियल पोजीशन
जून 2026 के अंत तक, कंपनी के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में 22.3% की सालाना बढ़ोतरी देखी गई, जो ₹2,90,502 करोड़ तक पहुंच गया। रिटेल और एसएमई (SME) सेगमेंट कंपनी के बिजनेस का 85.4% हिस्सा बने हुए हैं। एसेट क्वालिटी में भी सुधार हुआ है, क्योंकि लोन लॉस प्रोविजन में 26% की कमी आई है और यह ₹676 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹909 करोड़ था।
सब्सिडियरी लिस्टिंग पर अपडेट
निवेशक टाटा कैपिटल हाउसिंग फाइनेंस के संभावित लिस्टिंग पर भी नजरें टिकाए हुए हैं। मैनेजमेंट का कहना है कि वे आरबीआई से ऊपरी-परत वाली नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) के रूप में कंपनी के वर्गीकरण पर आगे के निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं। अगर ऐसा होता है, तो हाउसिंग फाइनेंस यूनिट को पब्लिक लिस्टिंग के लिए तीन साल का समय मिलेगा। फिलहाल, कंपनी ने इस संबंध में कोई तत्काल योजना नहीं बनाई है।
