Tata Capital का बड़ा दांव! ₹318 करोड़ में गोल्ड लोन बिजनेस में धमाकेदार एंट्री

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AuthorMehul Desai|Published at:
Tata Capital का बड़ा दांव! ₹318 करोड़ में गोल्ड लोन बिजनेस में धमाकेदार एंट्री

Tata Capital, जो टाटा ग्रुप की फाइनेंशियल सर्विस कंपनी है, ने केरल की NBFC 'Yogakshemam Loans' में बड़ी हिस्सेदारी खरीद ली है। यह डील ₹318 करोड़ की है और इसके साथ ही Tata Capital अब गोल्ड लोन बिजनेस में उतर गई है।

₹318 करोड़ की डील से गोल्ड लोन में एंट्री

Tata Capital ने अपनी विस्तार योजना के तहत Yogakshemam Loans में बहुलांश हिस्सेदारी (Majority Stake) हासिल कर ली है। यह एक ऑल-कैश डील है, जिसकी प्री-मनी इक्विटी वैल्यू ₹318 करोड़ तक है। इस अधिग्रहण से Tata Capital को साउथ इंडिया में अपने रिटेल लेंडिंग बिजनेस को तेजी से बढ़ाने का मौका मिलेगा।

162 ब्रांचों का नेटवर्क मिलेगा

इस डील के तहत, Tata Capital ₹93 करोड़ का नया फंड भी Yogakshemam Loans में निवेश करेगी, ताकि बिजनेस को और बढ़ाया जा सके। डील पूरी होने के बाद, Tata Capital के पास इस कंपनी में 88.6% हिस्सेदारी होगी (सभी इक्विटी पर आधारित)।

Yogakshemam Loans के पास पहले से ही केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में 162 ब्रांचों का मजबूत नेटवर्क है। 31 मार्च 2026 तक, कंपनी के पास ₹708 करोड़ का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) था और करीब 32,000 कस्टमर्स थे। Tata Capital इस नेटवर्क का इस्तेमाल करके अपनी ब्रांड वैल्यू और रिस्क मैनेजमेंट स्किल्स को Yogakshemam Loans के लोकल मार्केट एक्सपीरियंस के साथ जोड़ेगी।

गोल्ड लोन सेक्टर में क्यों उतरी Tata Capital?

गोल्ड लोन भारत में एक लोकप्रिय सुरक्षित लोन (Secured Lending) का तरीका है, क्योंकि इसमें जल्दी अप्रूवल और कम कागजी कार्रवाई होती है। Tata Capital, जिसके पास पहले से ही कॉर्पोरेट और रिटेल क्रेडिट का बड़ा पोर्टफोलियो है, अब गोल्ड लोन जैसे हाई-यील्ड प्रोडक्ट को अपने बिजनेस में शामिल कर रही है।

Tata Capital के MD और CEO, राजीव सभरवाल ने कहा कि यह अधिग्रहण रिटेल लेंडिंग बिजनेस को बढ़ाने की उनकी बड़ी स्ट्रेटेजी का हिस्सा है।

मुकाबला कड़ा

भारत का गोल्ड लोन मार्केट काफी बिखरा हुआ है और इसमें Muthoot Finance और Manappuram Finance जैसे बड़े प्लेयर्स का दबदबा है। Tata Capital के पास बेशक बड़े फाइनेंशियल रिसोर्सेज हैं, लेकिन उसे साउथ इंडिया में इन कंपनियों से कड़ी टक्कर लेनी होगी। कंपनी की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह अपनी टेक्नोलॉजी और कम कॉस्ट ऑफ फंड्स का इस्तेमाल करके ग्राहकों को कैसे आकर्षित कर पाती है और लोन की क्वालिटी को कैसे बनाए रखती है।

डील के बाद, Unnikrishnan Idicharm Veetil, Yogakshemam Loans के हेड बने रहेंगे, ताकि कामकाज में निरंतरता बनी रहे।

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