Tamilnad Mercantile Bank ने शानदार प्रदर्शन करते हुए **₹451 करोड़** का रिकॉर्ड तिमाही मुनाफा कमाया है, जो सालाना आधार पर **42%** ज्यादा है। बेहतर एसेट क्वालिटी के बावजूद बैंक अब RBI के साथ पुराने रेगुलेटरी मुद्दों को सुलझाने और अपने नेटवर्क को विस्तार देने पर जोर दे रहा है।
दमदार नतीजों का दम
बैंक ने हालिया तिमाही में ₹451.14 करोड़ का रिकॉर्ड प्रॉफिट दर्ज किया है। इस बढ़त के पीछे मुख्य कारण नेट इंटरेस्ट इनकम में 35% का उछाल रहा, जो बढ़कर ₹807.17 करोड़ हो गई। बैंक का कुल बिजनेस वॉल्यूम भी 27.25% बढ़ा है। बैंक की एसेट क्वालिटी में बड़ा सुधार देखने को मिला है, जहां ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) पिछले साल के 1.01% से घटकर 0.61% पर आ गए हैं।
रेगुलेटरी चुनौतियों से निपटने की तैयारी
वित्तीय मोर्चे पर मजबूत होने के बावजूद बैंक अभी भी कुछ पुराने कानूनी मामलों को सुलझाने में लगा है। बैंक शेयर ट्रांसफर से जुड़े पुराने मामलों को रेगुलराइज करने के लिए Reserve Bank of India (RBI) के साथ संपर्क में है। इसमें 2017 के बोनस शेयर जारी करने से जुड़ा मामला भी शामिल है, जिसमें Enforcement Directorate (ED) की जांच चल रही थी। एक अन्य 2014 के मामले में ट्रिब्यूनल ने जुर्माने को ₹17 करोड़ से घटाकर ₹3.4 करोड़ कर दिया है। 2017 के नोटिस के लिए बैंक ने पहले ही प्रोविजन कर लिया है, जिसके चलते उन्हें महज ₹2 लाख तक का चार्ज पड़ने की उम्मीद है।
भविष्य की रणनीति: गोल्ड लोन पर निर्भरता कम
बैंक अब अपनी विस्तार नीति को आक्रामक बना रहा है और फाइनेंशियल ईयर 2027 तक 60 नई शाखाएं खोलने की तैयारी है। वर्तमान में बैंक का ध्यान तमिलनाडु से हटकर गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में पैठ जमाने पर है।
रणनीति का एक अहम हिस्सा गोल्ड लोन पर निर्भरता को कम करना है, जो अभी बैंक के कुल एडवांस का करीब 50% है। सोने की कीमतों में गिरावट की आशंका को देखते हुए बैंक अपने पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई करना चाहता है। इसके साथ ही 32.39% का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो बैंक को भविष्य की योजनाओं के लिए मजबूत आधार देता है।
