TVS Motor Company अपने कंज्यूमर फाइनेंस बिजनेस को एक अलग लिस्टेड कंपनी के तौर पर पेश करने की तैयारी में है। इस रिस्ट्रक्चरिंग के तहत शेयरहोल्डर्स को हर **1** शेयर के बदले नई कंपनी का **1** शेयर मिलेगा।
बिजनेस का बंटवारा
बोर्ड ने इस रिस्ट्रक्चरिंग को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत फाइनेंस डिवीजन को एक इंडिपेंडेंट एंटिटी बनाया जाएगा। इस कदम का मुख्य मकसद लेंडिंग बिजनेस को ऑपरेशनल आजादी देना है ताकि वह अपनी कैपिटल जुटाने की योजनाओं पर बेहतर ढंग से काम कर सके।
बिजनेस की सेहत
आंकड़ों पर नजर डालें तो 30 सितंबर, 2026 को खत्म हुई छमाही में फाइनेंस बिजनेस का टर्नओवर ₹3,921 करोड़ रहा है। वहीं, पेरेंट कंपनी का कुल रेवेन्यू इसी अवधि में ₹35,770 करोड़ दर्ज किया गया था। कंपनी अब फाइनेंशियल सर्विसेज को केवल एक सपोर्ट यूनिट नहीं, बल्कि ग्रोथ के एक नए पिलर के तौर पर देख रही है।
बड़ा एक्विजिशन और कंसोलिडेशन
इस रणनीति के तहत, TVS Motor ने STPL Trading and Services Private Limited में कंट्रोलिंग हिस्सेदारी खरीदने के लिए ₹530 करोड़ के निवेश का ऐलान किया है। यह डील अहम है क्योंकि STPL के पास Home Credit India Finance में 7.5% हिस्सेदारी है, जो अब TVS Credit Services के साथ मर्ज हो रही है।
निवेशकों के लिए चुनौतियां
NBFC सेक्टर में उतरने के बाद नई कंपनी को क्रेडिट रिस्क, फंडिंग कॉस्ट और एसेट क्वालिटी जैसी चुनौतियों का सामना करना होगा। कमाई का गणित ब्याज दरों के चक्र पर निर्भर करेगा, इसलिए निवेशकों को अब रेगुलेटरी मंजूरी और नई लिस्टिंग की टाइमलाइन पर नजर रखनी चाहिए। शेयरहोल्डर्स को रिकॉर्ड डेट (Record Date) का इंतजार है जो इस इक्विटी स्प्लिट की पात्रता तय करेगा।
