Two-wheeler निर्माता TVS Motor अपनी वित्तीय सेवा कंपनी TVS Credit को अलग करने पर विचार कर रही है। इस कदम से शेयरधारकों के लिए अलग से वैल्यू अनलॉक होने की उम्मीद है। कंपनी ने हाल ही में फाइनेंशियल ईयर 26 में **₹47,270 करोड़** का रिकॉर्ड रेवेन्यू दर्ज किया है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय बिक्री और इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री में **33%** की वृद्धि का बड़ा योगदान रहा।
Detailed Coverage
TVS Credit का हो सकता है 'डीमर्जर'
TVS Motor Company, भारत की जानी-मानी दोपहिया वाहन निर्माता, अपनी नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) TVS Credit Services को अलग करने की रणनीति पर विचार कर रही है। कंपनी के चेयरमैन सुदर्शन वेणु ने हाल ही में हुई एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में संकेत दिया कि मैनेजमेंट इस फाइनेंशियल सर्विस आर्म को अलग करने के लिए एक चरणबद्ध प्रक्रिया का मूल्यांकन कर रहा है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य शेयरधारकों के लिए वैल्यू अनलॉक करना है, ताकि लेंडिंग बिजनेस TVS इकोसिस्टम के भीतर रहते हुए भी अपने विकास पर ज्यादा फोकस कर सके।
फाइनेंशियल ग्रोथ और मार्केट पोजीशन
TVS Credit की यह प्लानिंग तब आई है जब कंपनी का एसेट बेस ₹30,000 करोड़ के पार पहुंच गया है। वित्तीय वर्ष 2026 में, इस डिविजन ने लोन डिस्बर्समेंट (Loan Disbursement) में 26% की ग्रोथ दर्ज की है, जो इसके बढ़ते महत्व को दर्शाता है। वहीं, पेरेंट कंपनी TVS Motor ने FY26 में अपना अब तक का सबसे अधिक सालाना रेवेन्यू ₹47,270 करोड़ दर्ज किया है, जबकि EBITDA ₹6,079 करोड़ रहा। कंपनी की 5.89 मिलियन (58.9 लाख) वाहनों की रिकॉर्ड बिक्री ने इस मजबूत रिकवरी और विस्तार को बल दिया है, जिसमें डोमेस्टिक और इंटरनेशनल दोनों मार्केट शामिल हैं।
इंटरनेशनल और इलेक्ट्रिक व्हीकल पर फोकस
कंपनी की हालिया परफॉर्मेंस में उसके इंटरनेशनल बिजनेस का बड़ा योगदान रहा है, जो अब कुल रेवेन्यू का 25% से अधिक है। 1.59 मिलियन (15.9 लाख) यूनिट्स से अधिक की सालाना बिक्री के साथ, TVS अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और एशिया में अपने विस्तार पर काम कर रही है, और हाल ही में यूरोपीय बाजारों में भी परिचालन शुरू किया है। यह भौगोलिक विविधीकरण (Geographic Diversification) कंपनी को स्थानीय आर्थिक मंदी के प्रभाव से बचाने में मदद करेगा।
इसके साथ ही, कंपनी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी (Electric Mobility) पर अपना फोकस बढ़ा रही है। FY26 में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री में 33% की ईयर-ऑन-ईयर ग्रोथ देखी गई, जो 3.71 लाख यूनिट्स से अधिक रही। इस दिशा में, TVS ने 1,000 से अधिक EV डीलरशिप्स और 5,000 पब्लिक चार्जिंग पॉइंट्स का एक बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क तैयार किया है। कंपनी अपने भविष्य के लिए भारी निवेश कर रही है, FY26 में रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) के लिए ₹1,250 करोड़ से अधिक आवंटित किए गए हैं, खासकर इलेक्ट्रिफिकेशन, कनेक्टेड टेक्नोलॉजीज और जेनेरेटिव AI एप्लीकेशंस पर ध्यान केंद्रित करते हुए।
आगे क्या?
निवेशकों के लिए अगले कुछ महीनों में सबसे महत्वपूर्ण यह देखना होगा कि TVS Credit के प्रस्तावित अलगाव की समय-सीमा और संरचना क्या होगी। जहां यह डीमर्जर (Demerger) ऑटोमोटिव और फाइनेंशियल सर्विसेज दोनों व्यवसायों के लिए स्पष्टता और वैल्यूएशन (Valuation) के फायदे ला सकता है, वहीं इसके लिए रेगुलेटरी अप्रूवल (Regulatory Approval) और विस्तृत स्ट्रक्चरल प्लानिंग की आवश्यकता होगी। इसके अलावा, निवेशक यह भी देखेंगे कि क्या कंपनी प्रीमियम मोटरसाइकिल बिक्री और EV एडॉप्शन (Adoption) में अपनी गति बनाए रख पाती है, खासकर इलेक्ट्रिक सेगमेंट में कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच। अलगाव का अंतिम क्रियान्वयन प्रबंधन की दीर्घकालिक रणनीति और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर की मौजूदा बाजार स्थितियों पर निर्भर करेगा।
