TVS Holdings ने पहली तिमाही में **74%** की जबरदस्त बढ़ोतरी के साथ **₹1,173.5 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। कंपनी ने अपने वित्तीय सेवा कारोबार को मजबूत करने के लिए **₹967 करोड़** में Varthana Finance के अधिग्रहण का भी ऐलान किया है।
Detailed Coverage
TVS Holdings की दमदार कमाई!
TVS Holdings, जो TVS Motor Company की प्रमोटर कंपनी है, ने नए वित्तीय साल की शुरुआत शानदार तरीके से की है। कंपनी ने पहली तिमाही (Q1) में ₹1,173.5 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी अवधि में ₹675.3 करोड़ था। यह 74% की बड़ी उछाल है।
रेवेन्यू और EBITDA में भी बड़ा उछाल
कंपनी के शानदार नतीजों के पीछे मजबूत ऑपरेशनल परफॉरमेंस रही। कुल रेवेन्यू में 34% की बढ़ोतरी देखी गई, जो ₹17,076.1 करोड़ तक पहुंच गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹12,742.1 करोड़ था। वहीं, EBITDA में 38.6% का इजाफा हुआ और यह ₹2,789.3 करोड़ रहा। इसके चलते EBITDA मार्जिन भी 15.8% से सुधरकर 16.3% हो गया।
Varthana Finance का अधिग्रहण
तिमाही नतीजों के अलावा, TVS Holdings अपने नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल सर्विसेज (NBFC) कारोबार को और मजबूत करने जा रही है। अपनी सब्सिडियरी Home Credit India Finance Private Limited के ज़रिए, कंपनी ने ₹967 करोड़ में Varthana Finance Private Limited की 100% हिस्सेदारी खरीदने का एग्रीमेंट किया है। Varthana Finance शिक्षा क्षेत्र में, खासकर अफोर्डेबल प्राइवेट स्कूलों और छात्रों को लोन देने का काम करती है।
यह डील कैश में होगी और अगले 9 महीनों में पूरी होने की उम्मीद है, बशर्ते कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से ज़रूरी मंजूरी मिल जाए। FY26 में Varthana Finance का टर्नओवर ₹398.31 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹18.65 करोड़ रहा था। इस अधिग्रहण से TVS Holdings अपने लेंडिंग पोर्टफोलियो को डाइवर्सिफाई कर पाएगी।
बाज़ार में कंपनी का फोकस
पहले Sundaram Clayton Ltd. के नाम से जानी जाने वाली TVS Holdings अब एक ऑटो कंपोनेंट्स निर्माता से एक डाइवर्सिफाइड होल्डिंग कंपनी बन गई है, जिसके ऑटोमोटिव मैन्युफैक्चरिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज में बड़े इंटरेस्ट हैं। कंपनी का शेयर नतीजों के ऐलान वाले दिन BSE पर 1.65% की बढ़त के साथ ₹14,241.00 पर बंद हुआ।
निवेशकों को ध्यान देना चाहिए कि इस अधिग्रहण से कंपनी की फाइनेंशियल सर्विसेज विंग में एक नया वर्टिकल जुड़ गया है। इस कदम की सफलता Varthana Finance के इंटीग्रेशन और उसके एजुकेशन-फोक्स्ड लेंडिंग मॉडल को बढ़ाने की क्षमता पर निर्भर करेगी। RBI की मंजूरी की टाइमलाइन और यह नई एंटिटी भविष्य की कमाई में कैसे योगदान देती है, यह देखना अहम होगा।
