Tamilnad Mercantile Bank (TMB) ने चालू फाइनेंशियल ईयर के लिए 18% की ग्रोथ का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए बैंक अपने एडवांसेज (Advances) को 20% से अधिक और डिपॉजिट्स (Deposits) को 16% तक बढ़ाने की योजना बना रहा है। यह कदम इसलिए भी अहम है क्योंकि पिछले फाइनेंशियल ईयर की चौथी तिमाही में बैंक ने दमदार नतीजे पेश किए थे। TMB ने मार्च 2026 को समाप्त तिमाही में 28.01% का शानदार उछाल दर्ज करते हुए ₹374 करोड़ का नेट प्रॉफिट (Net Profit) कमाया। वहीं, टोटल ऑपरेटिंग इनकम (Total Operating Income) 15.56% बढ़कर ₹1,550.38 करोड़ रही।
MSMEs और गोल्ड लोन से रफ्तार
बैंक के CEO, Salee Sukumaran Nair के मुताबिक, इस ग्रोथ की मुख्य वजह माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSME) सेक्टर में आई रिकवरी और गोल्ड लोन पोर्टफोलियो का मजबूत प्रदर्शन है। MSME सेगमेंट में 15% के आसपास ग्रोथ दिख रही है, जबकि गोल्ड लोन से बैंक को लगातार अच्छा फायदा मिल रहा है। सरकार की MSME को बढ़ावा देने की योजनाओं और गोल्ड-बैक्ड फाइनेंसिंग की लगातार मांग का फायदा उठाने की कोशिश है। मार्च 2025 तक बैंकों का गोल्ड लोन मार्केट में हिस्सा बढ़कर 49.7% हो गया है।
बाहरी जोखिमों से निपटना
हालांकि, TMB के लिए चुनौतियां भी कम नहीं हैं। पश्चिम एशिया (West Asia) में चल रहा संकट एक बड़ा मुद्दा है, जिसका महंगाई पर अप्रत्यक्ष असर पड़ सकता है। भारत कच्चे तेल के आयात के लिए इस क्षेत्र पर बहुत निर्भर है। इसके अलावा, गोल्ड लोन पोर्टफोलियो, जो ग्रोथ का जरिया है, खुद कई जोखिमों से घिरा है। सोने की कीमतों में हाल ही में करीब 13% की गिरावट आई है, जिससे लोन वैल्यू पर असर पड़ा है और उधारकर्ताओं को अतिरिक्त कोलैटरल (Collateral) जोड़ने की जरूरत पड़ सकती है। यह तब हो रहा है जब 1 अप्रैल 2026 से भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए नियम लागू होने वाले हैं, जिसमें लोन-टू-वैल्यू (LTV) का नया सिस्टम (75% से 85%) शामिल है।
वैल्यूएशन और तुलना
Tamilnad Mercantile Bank फिलहाल लगभग 8.07 से 8.37 के प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेशियो पर ट्रेड कर रहा है, जिसका मार्केट कैप (Market Capitalization) करीब ₹10,133 करोड़ है। यह वैल्यूएशन Nifty Private Bank इंडेक्स (जिसका P/E रेशियो करीब 18.4 से 18.73 है) की तुलना में काफी कम है। बड़ी प्राइवेट बैंकों जैसे ICICI Bank का P/E 22.0 है। वहीं, Karur Vysya Bank और South Indian Bank जैसी प्रतिद्वंद्वी बैंकों ने मार्च 2026 तिमाही में 15-17% का लोन ग्रोथ दिखाया है। पिछले एक साल में बैंक के शेयर ने 60% से ज्यादा का रिटर्न देकर Sensex को भी पीछे छोड़ा है।
एकाग्रता और बाहरी झटकों से जोखिम
गोल्ड लोन और MSME पर अधिक निर्भरता बैंक को इन सेक्टर्स के जोखिमों के प्रति संवेदनशील बनाती है। सोने की कीमतों में गिरावट और नए LTV नियमों से गोल्ड लोन सेगमेंट की एसेट क्वालिटी (Asset Quality) और प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) पर दबाव पड़ सकता है। MSME ग्रोथ के क्षेत्र तो हैं, लेकिन वे आर्थिक मंदी और पॉलिसी बदलावों के प्रति भी संवेदनशील हो सकते हैं। पश्चिम एशिया संकट से जुड़ी व्यापक मैक्रोइकॉनॉमिक (Macroeconomic) अनिश्चितताएं, महंगाई और धीमी ग्रोथ का खतरा भी लोन वॉल्यूम और एसेट क्वालिटी पर असर डाल सकता है।
आगे का रास्ता
इन सब अनिश्चितताओं और चुनौतियों के बीच TMB के मैनेजमेंट को ग्रोथ और रिस्क मैनेजमेंट के बीच संतुलन बनाना होगा। MSME सेक्टर की रिकवरी और गोल्ड लोन की मजबूती का फायदा उठाना और अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखना बैंक की सफलता के लिए महत्वपूर्ण होगा। निवेशक इस बात पर नजर रखेंगे कि TMB बाहरी दबावों को कैसे झेलता है और अपनी एसेट क्वालिटी व प्रॉफिट को कैसे बनाए रखता है।
