Tamilnad Mercantile Bank (TMB) ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) में शानदार परफॉरमेंस दिखाते हुए नेट प्रॉफिट में 28.01% की ईयर-ऑन-ईयर (YoY) ग्रोथ दर्ज की। बैंक का नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹373.65 करोड़ हो गया। यह बढ़त कुल कमाई में 15.56% का इजाफा होने की वजह से संभव हुई, जो ₹1,550.38 करोड़ रही। वहीं, कुल इनकम 16.22% बढ़कर ₹1,792.14 करोड़ पर पहुंच गई। पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए, बैंक का नेट प्रॉफिट 13.10% बढ़कर ₹1,337.55 करोड़ पर रहा। निवेशकों को खुश करने के लिए, बैंक के बोर्ड ने ₹12.50 प्रति इक्विटी शेयर का फाइनल डिविडेंड (Dividend) भी प्रस्तावित किया है। यह प्रस्ताव AGM में मंजूरी के बाद ही लागू होगा।
इन नतीजों का असर शेयर बाजार में दिखा, जहां TMB के शेयर ₹725 के नए 52-Week High को छू गए। दिन के कारोबार में कुछ मुनाफावसूली (Profit-taking) के बावजूद, स्टॉक 8.86% की तेजी के साथ ₹696.60 के आसपास बना रहा। शेयर की 52-Week रेंज ₹411.80 से ₹721.00 रही है। फिलहाल, TMB का शेयर 8.1 से 8.3 के P/E (Price-to-Earnings) मल्टीपल पर ट्रेड कर रहा है, जबकि P/B (Price-to-Book) रेशियो लगभग 1.04-1.05 है। शेयरधारकों को लगभग 1.69% - 1.72% का डिविडेंड यील्ड (Dividend Yield) भी मिल रहा है।
अगर हम बड़े प्राइवेट बैंक जैसे HDFC Bank (P/E ~15.5) और ICICI Bank (P/E ~16.3) से तुलना करें, तो TMB का P/E रेशियो काफी आकर्षक लगता है। हालांकि, TMB का 8.2 का P/E रेशियो, भारतीय बैंकिंग सेक्टर के औसत P/E 9.60 से थोड़ा ऊपर है। यह कुछ हद तक सही वैल्युएशन बताता है, पर यह बैंकिंग सेक्टर के सामने आ रही बड़ी चुनौतियों को पूरी तरह से नजरअंदाज करता है। भारतीय बैंकिंग इंडस्ट्री को डिपॉजिट के लिए बढ़ती प्रतिस्पर्धा, इंटरेस्ट मार्जिन में संभावित कमी, और ग्लोबल अनिश्चितताओं जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जो FY27 के लिए क्रेडिट ग्रोथ (Credit Growth) को धीमा कर सकती हैं। सेक्टर की कमाई में सालाना 11% ग्रोथ का अनुमान है, लेकिन बैंकों के लिए ग्रोथ बनाए रखना इन आर्थिक और लिक्विडिटी (Liquidity) की चुनौतियों से पार पाने पर निर्भर करेगा।
इन सब के बावजूद, स्टॉक की मौजूदा वैल्युएशन को लेकर चिंताएं काफी गंभीर हैं। अनुमानित इंट्रिन्सिक वैल्यू (Intrinsic Value) ₹424.5 है, जो बताता है कि शेयर अपने मौजूदा बाजार भाव ₹639.5 पर लगभग 34% ओवरवैल्यूड (Overvalued) है। यह दिखाता है कि निवेशक की उम्मीदें और बैंक की वास्तविक कीमत के बीच एक बड़ा अंतर है। इसके अलावा, ज्यादातर एनालिस्ट (Analysts) TMB के लिए 'होल्ड' (Hold) रेटिंग की सलाह दे रहे हैं और भविष्य को लेकर सावधानी बरत रहे हैं। सेक्टर में भी लिक्विडिटी की तंगी और रेगुलेटरी बदलावों से नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पर पड़ने वाले असर जैसे खतरे मंडरा रहे हैं, जो मौजूदा रेवेन्यू मोमेंटम के बावजूद मुनाफे को प्रभावित कर सकते हैं।
आगे चलकर, अगले 12 महीनों के लिए TMB के एनालिस्ट प्राइस टारगेट्स (Analyst Price Targets) में काफी भिन्नता है। औसत अनुमान करीब ₹999.98 है, जबकि यह ₹660.38 से ₹1246.89 तक फैला हुआ है। ये टारगेट्स मौजूदा स्तरों से संभावित तेजी का संकेत देते हैं, लेकिन 'होल्ड' की आम राय और इंट्रिन्सिक वैल्यू से बड़ा अंतर यह दर्शाता है कि मार्केट शायद भविष्य की भारी ग्रोथ की उम्मीद कर रहा है। हालांकि, बदलते सेक्टर डायनामिक्स (Sector Dynamics) और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच इस ग्रोथ को हासिल करना मुश्किल हो सकता है।
