TMB के नतीजों पर नज़र डालें तो, मार्च तिमाही में बैंक का टोटल बिज़नेस ₹1.15 लाख करोड़ के पार पहुंच गया। पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले यह 17.37% ज़्यादा है, जबकि पिछली तिमाही से 7.09% का इजाफा हुआ है। बैंक के एडवांसेज़ (Advances) में 20.32% की बढ़ोतरी हुई, जिससे यह ₹53,380 करोड़ हो गए। कुल डिपॉजिट्स (Deposits) में भी 14.94% की बढ़त देखी गई और ये ₹61,712 करोड़ पर पहुंच गए। खास तौर पर, बैंक के करंट अकाउंट और सेविंग अकाउंट (CASA) डिपॉजिट्स 22.35% की शानदार ग्रोथ के साथ ₹17,365 करोड़ हो गए।
ऑपरेशनल मोर्चे पर इतनी मजबूती के बावजूद, बैंक को कुछ बड़ी टैक्स चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। 18 मार्च 2026 को, TMB को असेसमेंट ईयर 2013-14 के लिए ₹204.23 करोड़ की टैक्स डिमांड का नोटिस मिला। इसके बाद 30 मार्च 2026 को, असेसमेंट ईयर 2024-25 के लिए ₹5.37 करोड़ का एक और नोटिस जारी किया गया। कुल मिलाकर ₹209.6 करोड़ की यह टैक्स देनदारी एक महत्वपूर्ण मामला है। TMB ने स्पष्ट किया है कि वह इन दोनों नोटिस के खिलाफ अपील करेगा और फिलहाल इससे कोई बड़ा फाइनेंशियल इम्पैक्ट होने की उम्मीद नहीं है।
बैंक के मजबूत फाइनेंशियल हेल्थ और वैल्यूएशन मेट्रिक्स (Valuation Metrics) भी निवेशकों के लिए आकर्षक हैं। TMB का पीई रेश्यो (P/E ratio) करीब 7.32 है, जो उसके पियर्स (Peers) के औसत 11.30 से काफी कम है। वहीं, पीबी रेश्यो (P/B ratio) 0.94-0.97 के आसपास है। बैंक का कैपिटल एडिक्वेसी रेश्यो (CAR) 32.71% और नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पिछले कुछ सालों से 3.6-3.7% के दायरे में स्थिर बना हुआ है। मार्च 2026 तक, बैंक के नेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) लेवल भी केवल 0.36% थे, जो सेक्टर की सुधरती एसेट क्वालिटी को दर्शाते हैं।
भारतीय बैंकिंग सेक्टर में जहां एक ओर क्रेडिट ग्रोथ मजबूत बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर फंडिंग प्रेशर भी देखा जा रहा है। विश्लेषक (Analysts) अच्छी तरह से कैपिटलाइज़्ड (Capitalized) बैंकों पर भरोसा जता रहे हैं। TMB के लिए, इन टैक्स अपीलों को सफलतापूर्वक निपटाना निवेशक के भरोसे को बनाए रखने के लिए अहम होगा।