TFCI का बड़ा ऐलान: FY27 में ₹3,000 करोड़ लोन सैंक्शन का लक्ष्य, छोटे शहरों में होटल इंफ्रा पर फोकस

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
TFCI का बड़ा ऐलान: FY27 में ₹3,000 करोड़ लोन सैंक्शन का लक्ष्य, छोटे शहरों में होटल इंफ्रा पर फोकस

Tourism Finance Corporation of India (TFCI) ने अगले फाइनेंशियल ईयर (FY27) के लिए ₹3,000 करोड़ के लोन सैंक्शन का लक्ष्य रखा है। यह पिछले साल यानी FY26 के ₹2,000 करोड़ के लक्ष्य से काफी ज्यादा है। कंपनी छोटे शहरों में होटल इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती डिमांड पर दांव लगा रही है, हालांकि डेवलपर्स के लिए कंस्ट्रक्शन कॉस्ट का बढ़ना एक बड़ी चुनौती है।

Detailed Coverage

TFCI का महत्वाकांक्षी लक्ष्य: FY27 में ₹3,000 करोड़ लोन सैंक्शन

Tourism Finance Corporation of India (TFCI) ने मौजूदा फाइनेंशियल ईयर के लिए एक आक्रामक ग्रोथ प्लान का ऐलान किया है। कंपनी का लक्ष्य FY27 में कुल ₹3,000 करोड़ के लोन सैंक्शन करना है। यह FY26 में सैंक्शन किए गए ₹2,000 करोड़ की तुलना में एक महत्वपूर्ण विस्तार है। कंपनी के मैनेजमेंट का अनुमान है कि FY27 के अंत तक उसका एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) लगभग ₹2,800 करोड़ तक पहुंच जाएगा, जो पिछले साल ₹2,200 करोड़ था।

छोटे शहरों में होटल इंफ्रा पर जोर

इस रणनीति का मुख्य हिस्सा बढ़ते घरेलू टूरिज्म मार्केट का फायदा उठाना है। TFCI अपने नए सैंक्शन का ₹500 करोड़ छोटे और उभरते शहरों में हॉस्पिटैलिटी प्रोजेक्ट्स को सपोर्ट करने के लिए आवंटित कर रहा है। कंपनी के अनुसार, ये लोकेशन बड़े होटल चेन्स से निवेश आकर्षित कर रहे हैं, जो बढ़ते बिजनेस और लग्जरी ट्रैवलर्स की मांग को पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं।

बढ़ती कंस्ट्रक्शन कॉस्ट का जोखिम

हालांकि होटल रूम्स की डिमांड मजबूत है, देश में सालाना 15,000 से 20,000 ब्रांडेड रूम्स जुड़ रहे हैं, लेकिन हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को डेवलपमेंट कॉस्ट में बढ़ोतरी का सामना करना पड़ रहा है। मैनेजमेंट ने बताया कि मटेरियल की कीमतों में इजाफा, लेबर की कमी और सप्लाई चेन की दिक्कतों के कारण कंस्ट्रक्शन खर्च 15% से 20% तक बढ़ गया है। इससे निवेशकों के लिए कॉस्ट ओवररन का जोखिम पैदा हो सकता है, जो TFCI द्वारा फंड किए जाने वाले प्रोजेक्ट्स की फाइनेंशियल हेल्थ को प्रभावित कर सकता है।

पोर्टफोलियो में विविधता

इन जोखिमों को मैनेज करने के लिए, TFCI केवल टूरिज्म प्रोजेक्ट्स से आगे बढ़कर अपने पोर्टफोलियो में विविधता ला रहा है। वर्तमान में, टूरिज्म से संबंधित लेंडिंग कंपनी के लोन बुक का लगभग 50% है। बाकी का आधा हिस्सा विभिन्न सेक्टर्स में फैला हुआ है, जिसमें रेजिडेंशियल रियल एस्टेट (FY27 के लिए ₹900 करोड़ लेंडिंग का अनुमान), मैन्युफैक्चरिंग, रिन्यूएबल एनर्जी, और एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स व छोटे NBFCs को लोन शामिल हैं। कंपनी अपने रेवेन्यू स्ट्रीम्स को और डाइवर्सिफाई करने के लिए डेटा सेंटर फाइनेंसिंग में भी विस्तार करने की योजना बना रही है।

निवेशकों के लिए मुख्य बिंदु

FY27 की पहली तिमाही में, TFCI ने ₹61.2 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो ऊंचे इंटरेस्ट इनकम और एक बार के इनकम टैक्स रिफंड से बढ़ा था। आगे चलकर, निवेशकों के लिए मुख्य बातें ये होंगी कि कंपनी इन नए लोन्स को कैसे एक्जीक्यूट करती है, हॉस्पिटैलिटी प्रोजेक्ट्स की वायबिलिटी पर हाई कंस्ट्रक्शन कॉस्ट का क्या असर होता है, और विभिन्न सेक्टर्स में अपने लोन बुक को बढ़ाते हुए कंपनी अपनी कॉस्ट ऑफ फंड्स को कैसे मैनेज करती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.