Systematix Private Wealth ने अगले 5 सालों में अपने एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) को करीब ₹9,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹38,000 करोड़ से ₹40,000 करोड़ तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। यह कंपनी के लिए एक बड़ा विस्तार (expansion) प्लान है।
यह प्लान भारत के तेजी से बढ़ते वेल्थ मार्केट (wealth market) को भुनाने के लिए बनाया गया है। अनुमान है कि 2027 तक देश में अमीर लोगों की संख्या लगभग दोगुनी हो जाएगी। Systematix का लक्ष्य ऐसे $400 बिलियन की वेल्थ को मैनेज करना है जो फिलहाल अनौपचारिक (informally managed) तरीकों से संभाली जा रही है।
कंपनी की रणनीति 'एसेट एलोकेशन-लेड एडवाइजरी' पर केंद्रित है। इसका मतलब है कि वे सिर्फ प्रोडक्ट्स बेचने के बजाय ग्राहकों की जरूरतों के हिसाब से खास इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजी बनाने पर जोर देंगे। अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए Systematix 17 शहरों में विस्तार करने की योजना बना रही है, खासकर टियर-II और टियर-III शहरों जैसे सूरत, जयपुर और लखनऊ पर फोकस किया जाएगा।
वेल्थ मैनेजमेंट सेक्टर में कड़ी प्रतिस्पर्धा है। HDFC Bank, ICICI Bank जैसे बड़े बैंक, 360 ONE Wealth और Motilal Oswal जैसे बड़े मैनेजर, और कई फिनटेक कंपनियां इस फील्ड में मौजूद हैं। Systematix, जिसके ग्रुप का कुल AUM ₹10,000 करोड़ से ज्यादा है, इन बड़ी कंपनियों से मुकाबला करेगी। SEBI और RBI जैसे रेगुलेटर्स की नज़र में रहते हुए, कंपनी को नए नियम और अनुपालन (compliance) की चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। ग्राहक अब फिजिकल एसेट्स से हटकर फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स की ओर बढ़ रहे हैं, जिसके चलते म्यूचुअल फंड AUM में सालाना 16% की ग्रोथ देखी जा रही है।
अनौपचारिक रूप से मैनेज की जा रही बड़ी वेल्थ को हासिल करना एक बड़ी चुनौती होगी, क्योंकि इसके लिए मौजूदा अनौपचारिक नेटवर्क्स के मुकाबले भरोसा बनाना पड़ेगा। कंपनी के इन-हाउस फंड सिलेक्शन मॉडल की परफॉरमेंस पर भी नजर रहेगी। 17 नए शहरों में तेजी से विस्तार के लिए टैलेंट, टेक्नोलॉजी और ब्रांड बिल्डिंग में बड़ा निवेश करना होगा, जिसमें सर्विस डिलीवरी में असंगति का जोखिम भी हो सकता है। लीडर्स Bhaskar Hazra और Partha Sengupta के नेतृत्व में इस विस्तार को सफल बनाना महत्वपूर्ण होगा।
भारतीय वेल्थ मैनेजमेंट सेक्टर में ग्रोथ की अच्छी संभावना है। Systematix की रणनीति इन ट्रेंड्स के साथ मेल खाती है, लेकिन यह अनौपचारिक सेगमेंट में पैठ बनाने, ग्राहकों का भरोसा जीतने और प्रतिस्पर्धा व नियमों से निपटने की क्षमता पर निर्भर करेगा। नवाचार (innovation) और मजबूत टेक्नोलॉजी इंटीग्रेशन कंपनी के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे।