Suryoday Small Finance Bank ने FY26 के लिए **₹1.50** प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड का ऐलान किया है। डिविडेंड के लिए एक्स-डेट **17 जुलाई, 2026** तय की गई है। यह घोषणा बैंक के शानदार प्रदर्शन के बाद आई है, जिसमें नेट प्रॉफिट में **32%** की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
Suryoday SFB का दमदार फाइनेंशियल ईयर
Suryoday Small Finance Bank ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए ₹1.50 प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड की घोषणा की है। निवेशकों के लिए सबसे अहम तारीख 17 जुलाई, 2026 है, जो एक्स-डिविडेंड डेट (Ex-dividend Date) होगी। इस तारीख से पहले शेयर खरीदने वाले शेयरधारकों को घोषित डिविडेंड का लाभ मिलेगा।
बैंक का यह फैसला हालिया मजबूत वित्तीय नतीजों के बाद आया है। पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए, बैंक ने ₹152 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर के ₹115 करोड़ के प्रॉफिट की तुलना में 32.17% अधिक है। कुल आय में 16.03% की बढ़ोतरी के साथ यह ₹2,519 करोड़ तक पहुंच गई, जिसने प्रॉफिट ग्रोथ को सपोर्ट किया।
एसेट क्वालिटी और लोन ग्रोथ में सुधार
प्रॉफिट ग्रोथ के अलावा, बैंक की लेटेस्ट एनुअल रिपोर्ट (Annual Report) में एसेट क्वालिटी (Asset Quality) में भी सुधार देखने को मिला है। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) रेशियो, जो कि लोन की बकाया राशि का प्रतिशत दर्शाता है, पिछले साल के 7.16% से सुधरकर 6.55% हो गया। इसी तरह, नेट NPA रेशियो भी 4.58% से घटकर 4.21% हो गया। ये आंकड़े बताते हैं कि बैंक अपने लोन पोर्टफोलियो को बेहतर तरीके से मैनेज कर रहा है, खासकर स्मॉल फाइनेंस बैंकिंग सेक्टर के जोखिमों के बावजूद।
बैंक के मुख्य कारोबार में भी अच्छी ग्रोथ दिखी है। टोटल डिपॉजिट्स (Total Deposits) पिछले साल के ₹10,579 करोड़ से बढ़कर ₹13,994 करोड़ हो गए। वहीं, टोटल लोंस और एडवांसेज (Total Loans and Advances) ₹9,974 करोड़ से बढ़कर ₹12,878 करोड़ तक पहुंच गए। यह दर्शाता है कि बैंक अपने लेंडिंग ऑपरेशंस का सक्रिय रूप से विस्तार कर रहा है।
वैल्यूएशन और कैपिटल पोजीशन
फाइनेंशियल ईयर के अंत तक, बैंक 8.31x के प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेशियो और 0.61x के प्राइस-टू-बुक (P/B) रेशियो पर ट्रेड कर रहा था। 20% के कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (Capital Adequacy Ratio) के साथ, बैंक रेगुलेटरी आवश्यकताओं से ऊपर बफर बनाए हुए है, जो भविष्य की लेंडिंग गतिविधियों के लिए वित्तीय स्पेस प्रदान करता है। रिटर्न ऑन एसेट्स (ROA), जो बैंक की प्रॉफिट कमाने की क्षमता को मापता है, मामूली सुधार के साथ 0.76% पर पहुंच गया।
आगे देखते हुए, निवेशकों के लिए मुख्य फोकस बैंक की एसेट क्वालिटी को बनाए रखने की क्षमता होगी, क्योंकि यह अपने लोन बुक का विस्तार जारी रखेगा। स्मॉल फाइनेंस बैंक इकोनॉमिक साइकल्स के प्रति संवेदनशील होते हैं, और ब्याज दरों में बदलाव से उनके फंड की लागत और कर्जदारों की भुगतान क्षमता दोनों पर असर पड़ सकता है।
