केरल की NBFC, Supra Pacific Financial Services ने अगले तीन सालों में अपने नेटवर्क को 500 ब्रांच तक पहुंचाने का प्लान बनाया है। कंपनी का लक्ष्य अपने एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) को **₹2,500 करोड़** तक ले जाना है।
Supra Pacific Financial Services ने अपने कारोबार के विस्तार के लिए एक आक्रामक योजना तैयार की है। वर्तमान में यह कंपनी 6 राज्यों में 117 ब्रांच के साथ काम कर रही है, जिसे अगले तीन साल में 15 राज्यों तक फैलाकर 500 ब्रांच करने का लक्ष्य रखा गया है। कंपनी का AUM, जो फाइनेंशियल ईयर 2026-27 की पहली तिमाही के अंत में ₹511.41 करोड़ था, उसे बढ़ाकर ₹2,500 करोड़ करने की तैयारी है।
बिजनेस मॉडल और विविधीकरण
कंपनी का मुख्य फोकस गोल्ड लोन पर है। इसके साथ ही अब कंपनी व्हीकल फाइनेंस और MSMEs को ₹10 लाख से लेकर ₹1 करोड़ तक के वर्किंग कैपिटल लोन देकर अपने पोर्टफोलियो को विविधता दे रही है।
चुनौतियां और रिस्क फैक्टर
इतने बड़े पैमाने पर तेजी से विस्तार करना कंपनी के लिए आसान नहीं होगा। इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और हायरिंग पर होने वाला खर्च शॉर्ट टर्म में कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव डाल सकता है। साथ ही, गोल्ड की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर भी कंपनी के लोन-टू-वैल्यू रेशियो पर पड़ सकता है।
प्रतिस्पर्धी माहौल
कंपनी का AUM 2020-21 के ₹21 करोड़ से बढ़कर जून 2026 तक ₹366 करोड़ तक पहुंचा है, जो एक तेज ग्रोथ को दर्शाता है। हालांकि, केरल, तमिलनाडु और महाराष्ट्र से बाहर कदम रखने पर कंपनी को बड़े और स्थापित प्लेयर्स से कड़ी टक्कर मिलेगी। छोटे NBFCs की तुलना में बड़े संस्थानों के पास फंड की लागत कम होती है, जो ब्याज मार्जिन पर असर डाल सकता है।
निवेशकों को अब कंपनी के तिमाही नतीजों पर नजर रखनी होगी, ताकि यह समझा जा सके कि क्या यह तेजी से होता विस्तार प्रॉफिट में बदल रहा है या नहीं।
