📉 कंपनी का फाइनेंशियल प्लान: अब कर्ज चुकाने को प्राथमिकता
Supra Pacific Financial Services Limited ने अपने प्रस्तावित Rights Issue के प्लान में बड़ा फेरबदल किया है। कंपनी के डायरेक्टर्स बोर्ड (Board of Directors) ने 7 फरवरी, 2026 को हुई मीटिंग में इस बदलाव को हरी झंडी दे दी है। इसके तहत, ₹500 करोड़ (यानी ₹5000.00 लाख) के इश्यू साइज को बरकरार रखते हुए, अब इस फंड का एक हिस्सा कंपनी अपने मौजूदा कर्ज़ों (Borrowings) को चुकाने के लिए इस्तेमाल करेगी।
क्यों किया गया ये बदलाव?
इस स्ट्रैटेजिक मूव (Strategic Move) का मुख्य मकसद कंपनी की कैपिटल स्ट्रक्चर (Capital Structure) को और बेहतर बनाना है। कर्ज़ चुकाने से कंपनी के फाइनेंसियल एक्सपेंसेस (Finance Expenses) यानी ब्याज का खर्चा कम होगा। साथ ही, कंपनी का डेब्ट-इक्विटी रेश्यो (Debt-to-Equity Ratio) भी सुधरेगा, जिससे बैलेंस शीट मजबूत होगी और कंपनी भविष्य में और बेहतर तरीके से 'ऑनवर्ड लेंडिंग एक्टिविटीज' (Onward Lending Activities) कर सकेगी।
आगे क्या?
इस पूरे प्रोसेस की निगरानी के लिए Infomerics Valuation and Rating Ltd को मॉनिटरिंग एजेंसी (Monitoring Agency) नियुक्त किया गया है। कंपनी ने BSE में सबमिशन के लिए रिवाइज्ड ड्राफ्ट लेटर ऑफ ऑफर (Revised Draft Letter of Offer - DLOF) को भी मंज़ूरी दे दी है। निवेशकों को SEBI (ICDR) रेगुलेशंस, 2018 के तहत फाइनल DLOF में फंड्स के इस्तेमाल और फाइनेंशियल प्रोजेक्शंस (Financial Projections) का विस्तृत ब्योरा देखने को मिलेगा। अगले 1-2 क्वार्टर्स में इस फैसले का असर कंपनी के कम होते ब्याज खर्च और ग्रोथ पहलों में इस्तेमाल होने वाले कैपिटल पर साफ दिखना चाहिए।