Sundaram Home Finance ने 3 से 5 साल की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर ब्याज दरों में **0.25%** का इजाफा किया है। यह नई दरें 1 अगस्त 2026 से लागू होंगी। इस कदम का मकसद कंपनी के कुल फंड में करीब **25%** हिस्सेदारी रखने वाले रिटेल डिपॉजिट को और बढ़ाना है।
जानिए नई ब्याज दरें:
Sundaram Home Finance ने 1 अगस्त 2026 से 3 से 5 साल की अवधि वाली फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर अपनी ब्याज दरों में 0.25% की बढ़ोतरी की है। इस बदलाव के बाद, सामान्य निवेशकों के लिए 3 साल की FD पर अब 7.25% ब्याज मिलेगा। वहीं, 4 और 5 साल की FD पर 7.40% ब्याज दिया जाएगा।
वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) को इन सभी अवधियों के लिए 7.75% ब्याज मिलेगा, जो सामान्य दर से ज़्यादा है। साथ ही, ट्रस्ट (Trusts) के लिए 3 से 5 साल की FD पर 7.50% ब्याज दर लागू होगी।
रिटेल डिपॉजिट क्यों हैं ज़रूरी?
कंपनी के मुताबिक, फिलहाल फिक्स्ड डिपॉजिट उनके कुल फंड का लगभग एक-चौथाई हिस्सा है। हाउसिंग फाइनेंस पर फोकस करने वाली एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) के तौर पर, फंड के स्थिर और विविध स्रोत बनाए रखना बेहद अहम होता है। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर D Lakshminarayanan ने बताया कि वे 15,000 से ज़्यादा व्यक्तिगत डिपॉजिटर्स को सेवा देते हैं और 75% से ज़्यादा का रिन्यूअल रेट (Renewal Rate) ग्राहकों के भरोसे को दर्शाता है।
फाइनेंशियल हेल्थ पर असर?
31 मार्च 2026 तक, कंपनी के पास कुल ₹2,295 करोड़ का डिपॉजिट बेस था। पब्लिक से लिए गए डिपॉजिट, बाजार से लिए गए कर्ज की तुलना में ज़्यादा स्थिर माने जाते हैं, लेकिन इन्हें बनाए रखने के लिए लगातार प्रतिस्पर्धी ब्याज दरें देना ज़रूरी होता है।
हालांकि, ब्याज दरों में यह बढ़ोतरी कंपनी के लिए फंड की लागत बढ़ा सकती है, लेकिन यह वर्तमान आर्थिक माहौल में लिक्विडिटी (Liquidity) बनाए रखने और बैंक लोन या मार्केट डेट पर निर्भरता कम करने का एक सामान्य तरीका है। निवेशकों को यह देखना होगा कि फंड की लागत में हुई इस वृद्धि का कंपनी के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (Net Interest Margin) पर क्या असर पड़ता है।
