Sundaram Finance ने नए फाइनेंशियल ईयर (FY27) की पहली तिमाही में कमाल का प्रदर्शन किया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट **34%** बढ़कर **₹636 करोड़** हो गया है। यह शानदार नतीजों का असर है कि कंपनी की उधारी (Lending) में **22%** की बढ़ोतरी हुई और एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में **17%** का इजाफा देखा गया। बेहतर एसेट क्वालिटी ने नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) को वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी मजबूत बनाए रखा।
शानदार शुरुआत: मुनाफा ₹636 करोड़
Sundaram Finance ने नए फाइनेंशियल ईयर (FY27) का आगाज शानदार तरीके से किया है। कंपनी ने जून 2026 को खत्म हुई तिमाही में ₹636 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। पिछले साल की इसी अवधि में यह आंकड़ा ₹475 करोड़ था, यानी 34% की जोरदार बढ़ोतरी। यह ग्रोथ कंपनी के लेंडिंग बिजनेस के विस्तार को दर्शाता है, जो इस नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) का मुख्य फोकस है।
लेंडिंग में उछाल और AUM में बढ़ोतरी
कंपनी का रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स (Revenue from operations) जून तिमाही में बढ़कर ₹2,644 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹2,349 करोड़ था। इस प्रदर्शन के पीछे सबसे बड़ा हाथ 22% की छलांग का है, जिससे कुल डिस्बर्समेंट (Disbursements) ₹8,947 करोड़ तक पहुंच गया। इसके परिणामस्वरूप, कंपनी का टोटल एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 17% बढ़कर ₹62,275 करोड़ हो गया। यह दिखाता है कि कंपनी क्रेडिट फ्लो को बनाए रखने में कामयाब रही है, जो निवेशकों के लिए एक मजबूत संकेत है।
एसेट क्वालिटी में सुधार
टॉपलाइन ग्रोथ के अलावा, कंपनी ने अपने लोन पोर्टफोलियो (Loan book) को भी बेहतर तरीके से मैनेज किया है। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA), यानी समय पर नहीं चुकाए जा रहे लोन का कुल मूल्य, पिछले साल के 2.66% से घटकर 2.28% पर आ गया। इसी तरह, नेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NNPA) भी 1.71% से घटकर 1.35% हो गया। निवेशकों के लिए यह एक सकारात्मक संकेत है, क्योंकि यह दर्शाता है कि कंपनी बकाए की वसूली में सफल हो रही है और एक स्वस्थ लोन पोर्टफोलियो बनाए हुए है।
सब्सिडियरीज़ का प्रदर्शन
Sundaram Finance के कंसोलिडेटेड नतीजों को हाउसिंग फाइनेंस, एसेट मैनेजमेंट और जनरल इंश्योरेंस में इसके विविध बिजनेस इंटरेस्ट्स का भी फायदा मिला है। Sundaram Asset Management के पास जून तिमाही के अंत में ₹90,089 करोड़ का AUM था, जिसमें 80% इक्विटी-ओरिएंटेड प्रोडक्ट्स में निवेशित है, जिससे ₹51 करोड़ का प्रॉफिट हुआ। वहीं, Royal Sundaram General Insurance ने ₹1,380 करोड़ का ग्रॉस रिटेन प्रीमियम और ₹135 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया। Sundaram Home Finance ने 10% की बढ़ोतरी के साथ ₹1,643 करोड़ का डिस्बर्समेंट किया और कुल प्रॉफिट में ₹85 करोड़ का योगदान दिया।
आगे की राह और खास बातें
कंपनी का मैनेजमेंट वर्तमान ग्रोथ ट्रेंड को लेकर उत्साहित है, लेकिन उन्होंने वैश्विक आर्थिक माहौल की जटिलताओं पर भी ध्यान दिलाया है। पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जैसी चीजें वित्तीय कंपनियों के लिए ऑपरेटिंग माहौल को प्रभावित कर सकती हैं। निवेशकों को आगे चलकर इस बात पर नजर रखनी होगी कि क्या कंपनी फाइनेंशियल ईयर के बाकी हिस्सों में ब्याज दरों के चक्र और मांग के पैटर्न के विकास के साथ-साथ डिस्बर्समेंट ग्रोथ और एसेट क्वालिटी के इस स्तर को बनाए रख पाती है।
