बाजार के मुश्किल दौर में एक नया विकल्प
Sundaram Alternates ने अपने नए 'AlphaBet – Series I' फंड के साथ निवेशकों को एक अनूठा निवेश विकल्प दिया है। यह एक 'क्रॉसओवर फंड' (crossover fund) है, जिसका मकसद चुनिंदा स्टॉक्स से दमदार रिटर्न और प्राइवेट क्रेडिट की स्थिरता को एक साथ जोड़ना है। कंपनी का कहना है कि इस स्ट्रैटेजी से वे मौजूदा बाजार की अनिश्चितताओं के बीच भी निवेशकों की डाइवर्सिफिकेशन (diversification) की मांग को पूरा करेंगे।
बाजार की चिंताएं बनीं फंड की वजह
यह फंड 10 मार्च 2026 को ऐसे समय में लॉन्च हुआ है जब ग्लोबल अनिश्चितताएं और भू-राजनीतिक तनाव (geopolitical tensions) के चलते शेयर बाजार में काफी हलचल है। हाल के दिनों में तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है, जिसकी वजह से Nifty 50 अपने 11 महीने के निचले स्तर पर आ गया है। गिरावट का आलम यह रहा कि 9 मार्च को मिड-कैप और स्मॉल-कैप इंडेक्स में 2% से ज्यादा की गिरावट आई, जो ब्रॉडर मार्केट की 1.7% की गिरावट से कहीं ज्यादा है।
Sundaram Alternates के मैनेजिंग डायरेक्टर, कार्तिक अथरेया (Karthik Athreya) के अनुसार, अगले 18 महीनों तक ग्लोबल इवेंट्स के चलते बाजार के 80-90% तक साइडवेज (sideways) रहने की पूरी संभावना है। ऐसे माहौल में हाइब्रिड फंड निवेशकों को अच्छी रणनीति साबित हो सकते हैं। फंड आकर्षक वैल्यूएशन पर मजबूत कंपनियों, खासकर मिड और स्मॉल कैप स्टॉक्स में निवेश करेगा, जिन्होंने हाल में करेक्शन देखा है।
फंड का साइज और रिटर्न का लक्ष्य
'AlphaBet – Series I' फंड का लक्ष्य ₹1,500 करोड़ जुटाना है, जिसमें ₹500 करोड़ का ग्रीन शू ऑप्शन (green shoe option) भी शामिल है। फंड का ऑब्जेक्टिव डील लेवल पर 18-20% और पोर्टफोलियो लेवल पर 'मिड-टीनेज' यानी 15-18% का रिटर्न देना है। कंपनी के प्राइवेट क्रेडिट प्लेटफॉर्म से मिलने वाले 12-15% के यील्ड (yield) के साथ, परफॉर्मिंग क्रेडिट फंड्स का लक्ष्य अक्सर 14-16% होता है।
इस फंड का 51-60% हिस्सा इक्विटी (equities) में जाएगा, जिसमें कंपनी के साइज की कोई सीमा नहीं होगी। बाकी बची हुई रकम प्राइवेट क्रेडिट में निवेश की जाएगी। Sundaram Alternates के पास प्राइवेट क्रेडिट में ₹5,600 करोड़ से अधिक के सफल निवेश का अनुभव है। कंपनी कुल मिलाकर लगभग ₹9,500 करोड़ का एसेट मैनेज करती है।
चुनौतियां और आगे की राह
इस फंड की 'कैपिटल एज अ सॉल्यूशन' (CAAS) स्ट्रैटेजी (strategy) जितनी इनोवेटिव है, उतनी ही चुनौतीपूर्ण भी। मुख्य चुनौती यह है कि हाई-कन्विक्शन स्टॉक्स से बड़े गेम (game) चेंजर रिटर्न और प्राइवेट क्रेडिट से अस्थिरता में कमी लाने के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। अगर स्टॉक प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, तो पोर्टफोलियो का कुल रिटर्न अनुमान के निचले स्तर पर जा सकता है। इसके अलावा, प्राइवेट क्रेडिट में निवेश लिक्विड (liquid) नहीं होता, जिसका मतलब है कि निवेशकों का पैसा कई सालों तक लॉक हो सकता है, जो शेयर के प्रदर्शन में गिरावट आने पर चिंता का सबब बन सकता है।
फंड जुटाना और पैरेंट कंपनी का सहारा
यह फंड अगले 6-8 महीनों तक निवेशकों के लिए खुला रहेगा। दिसंबर 2024 तक, Sundaram Finance Group, जो SAMCL Group का हिस्सा है, ₹76,038 करोड़ से अधिक का एसेट मैनेज कर रहा था। Sundaram Alternates का लक्ष्य अपने मजबूत प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके भारत के बढ़ते अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट मार्केट (alternative investment market) में अपनी पकड़ मजबूत करना है।