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Sterling Biotech Share News: लेंडर्स के ₹14,000 करोड़ डूबे! SC का SEBI पर सख्त एक्शन

BANKINGFINANCE
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AuthorAditya Rao|Published at:
Sterling Biotech Share News: लेंडर्स के ₹14,000 करोड़ डूबे! SC का SEBI पर सख्त एक्शन
Overview

सुप्रीम कोर्ट Sterling Biotech के सेटलमेंट को फाइनल करने के लिए SEBI पर दबाव बना रहा है। प्रमोटर्स Chetan और Nitin Sandesara ने **₹5,100 करोड़** का भुगतान किया है, लेकिन यह लेंडर्स के कुल **₹19,283 करोड़** के कर्ज़ का एक तिहाई से भी कम है। SEBI की देरी बैंकों को फंड मिलने से रोक रही है।

सुप्रीम कोर्ट का SEBI पर वार, सेटलमेंट जल्द निपटाओ!

सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) को फटकार लगाते हुए Sterling Biotech Limited (SBL) और उसके प्रमोटर्स, Chetan और Nitin Sandesara के मामले में सेटलमेंट प्रक्रिया को तेज करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने साफ कहा कि अगर प्रमोटर्स ₹5,100 करोड़ का भुगतान करते हैं तो सभी कार्यवाही रोक दी जाएंगी। प्रमोटर्स ने यह रकम चुका दी है। लेकिन SEBI के वकील ने सॉलिसिटर जनरल के साथ बातचीत जारी होने का हवाला देकर और समय मांगा। कोर्ट इस देरी से नाराज है और चेतावनी दी है कि अगर SEBI ने और देरी की तो गंभीर कार्रवाई की जाएगी। प्रमोटर्स के वकीलों ने भी नियामक की झिझक पर ध्यान दिलाया।

लेंडर्स के ₹14,000 करोड़ फंसे, अभी भी बड़ा शॉर्टफॉल

इस सेटलमेंट के बावजूद, लेंडर्स (बैंकों) को बड़ा झटका लगा है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के नेतृत्व वाले 20 सुरक्षित लेंडर्स ने सुप्रीम कोर्ट से ₹5,100 करोड़ के सेटलमेंट फंड जारी करने की गुहार लगाई है। Sterling Biotech और उसकी सहयोगी कंपनियों पर कुल ₹19,283.77 करोड़ का भारी कर्ज़ है। ₹5,100 करोड़ का सेटलमेंट कुल देनदारी का लगभग 26% ही कवर करता है, जिससे बैंकों के लिए ₹14,000 करोड़ से ज़्यादा का शॉर्टफॉल बना हुआ है।

रिकवरी में उलझनें, ED के जब्त एसेट्स का क्या होगा?

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पहले ₹27,757 करोड़ की संपत्ति जब्त की थी, जो सेटलमेंट राशि से कहीं ज़्यादा है। फंड जारी करने की प्रक्रिया और उलझ गई है क्योंकि 26 में से छह सुरक्षित लेनदारों, जिनमें HDFC Bank भी शामिल है, ने अभी तक अपने दावे पेश नहीं किए हैं। कोर्ट ने 20 अनुपालन करने वाले बैंकों को तुरंत फंड जारी करने का आदेश दिया, जबकि बाकी छह का हिस्सा होल्ड पर रखा। प्रमोटर्स, जिन पर भारतीय बैंकों से अरबों की धोखाधड़ी का आरोप है, अब कई क्रिमिनल मामलों को निपटाने के लिए सेटलमेंट की पेशकश कर रहे हैं।

NPA रिकवरी सुधरी, पर बड़े डिफॉल्ट अभी भी चुनौती

Sterling Biotech का मामला भारतीय बैंकिंग सेक्टर के लिए एक बड़ी चुनौती है। हालांकि पब्लिक सेक्टर बैंकों के ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) मार्च 2021 में 9.11% से घटकर मार्च 2025 तक 2.58% हो गए हैं, और इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) रिकवरी रेट बढ़ाने में मददगार साबित हुआ है। लेकिन Sterling Biotech जैसे फरार प्रमोटर्स और कुल कर्ज से काफी कम सेटलमेंट वाले मामले, सामान्य NPA डेटा से कहीं ज़्यादा जटिल हैं।

अधूरा कर्ज़ और SEBI की भूमिका पर सवाल

लेंडर्स की मुख्य चिंता अब भी बकाया बड़ा कर्ज़ है। प्रमोटर्स का सेटलमेंट क्रिमिनल मुद्दों को सुलझाता है, लेकिन बैंकों को एक बड़ी रकम अभी भी वापस मिलनी बाकी है। Sandesara बंधुओं पर बड़े पैमाने पर शेल कंपनियों का नेटवर्क बनाकर लोन की रकम ठिकाने लगाने का आरोप है। वे प्रत्यर्पण की कोशिशों और रेड कॉर्नर नोटिस के बावजूद विदेश में रह रहे हैं। SEBI ने कई अन्य वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में कार्रवाई की है, लेकिन Sterling Biotech में इसकी धीमी चाल सवालों के घेरे में है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी चेतावनी दी है कि इस मामले में दी गई राहत भविष्य के लिए मिसाल न बने। Sterling Biotech Limited को 2022 में Perfect Day, Inc. ने अधिग्रहित कर लिया था, जो संपत्ति रिकवरी और बकाया कर्ज़ के इतिहास में एक और परत जोड़ता है। जब्त की गई संपत्ति के मूल्य और सेटलमेंट राशि के बीच बड़ा अंतर, साथ ही कुल बकाया का एक चौथाई हिस्सा ही सेटलमेंट में कवर होने से, लेंडर्स के लिए पूरी रिकवरी का रास्ता कठिन है।

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