देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक State Bank of India ने सितंबर तिमाही के शानदार नतीजे जारी किए हैं। बैंक का नेट प्रॉफिट **14.3%** उछलकर **₹23,038 करोड़** पहुंच गया है, हालांकि इस प्रॉफिट में **₹7,288.47 करोड़** का वन-टाइम गेन भी शामिल है।
मुनाफे के पीछे की असल कहानी
सितंबर तिमाही में SBI का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है। बैंक का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 14.3% बढ़कर ₹23,038 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह ₹20,160 करोड़ था। इस ग्रोथ में नेट इंटरेस्ट इनकम का बड़ा योगदान रहा, जो 14.7% बढ़कर ₹49,142.85 करोड़ तक पहुंच गई है।
हालांकि, इन्वेस्टर्स को यह समझना जरूरी है कि हेडलाइन प्रॉफिट में ₹7,288.47 करोड़ का एक वन-टाइम गेन शामिल है। अगर हम इस एकमुश्त कमाई को हटाकर देखें, तो बैंक का ऑपरेटिंग प्रॉफिट (प्रोविजन से पहले) सालाना आधार पर 1.4% घटकर ₹26,937.24 करोड़ रहा, जो बैंक के कोर ऑपरेशंस पर थोड़े दबाव का संकेत देता है।
सुधरी एसेट क्वालिटी
इन्वेस्टर्स के लिए राहत की बात यह है कि बैंक की एसेट क्वालिटी लगातार बेहतर हो रही है। बैंक का ग्रॉस NPA रेश्यो पिछली तिमाही के 1.47% से घटकर 1.39% रह गया है। वहीं, नेट NPA रेश्यो भी 0.38% से बेहतर होकर 0.36% पर आ गया है। यह साबित करता है कि बैंक के रिकवरी एफर्ट्स और लेंडिंग डिसिप्लिन काफी सख्त हैं।
आगे क्या ट्रैक करें?
मार्केट की नजर अब बैंक के कोर ऑपरेटिंग मार्जिन की सस्टेनेबिलिटी पर है। भविष्य में लोन ग्रोथ, डिपॉजिट मोबिलाइजेशन की लागत और क्रेडिट क्वालिटी पर मैनेजमेंट क्या गाइडेंस देता है, यह शेयर के लिए अहम होगा। बदलते इंटरेस्ट रेट एनवायरनमेंट में मार्जिन को स्थिर बनाए रखना और NPA को कम स्तर पर रखना बैंक के लिए बड़ी चुनौती होगी।
