📉 रेटिंग में बड़ी गिरावट का मतलब
CARE Ratings ने Star Housing Finance Limited (SHFL) की ₹300 करोड़ की लॉन्ग-टर्म बैंक फैसिलिटीज की रेटिंग को 'Stable' से घटाकर 'Negative' कर दिया है। यह कदम कंपनी के ऑपरेशन को बढ़ाने और फंड जुटाने में आ रही गंभीर दिक्कतों को साफ तौर पर दर्शाता है।
मुख्य आंकड़े:
- मार्च 2025 तक, कंपनी की एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 22% सालाना बढ़कर ₹521 करोड़ रही।
- हालांकि, FY25 में नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) घटकर 6.32% रह गया।
- रिटर्न ऑन टोटल एसेट्स (ROTA) भी FY25 में 2.13% और H1FY26 में 1.15% (वार्षिक) तक गिर गया।
- कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (CAR) 50.55% पर मजबूत बना हुआ है।
- गियरिंग बढ़कर 2.84x हो गई है।
- मार्च 2025 तक ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) 1.85% था, जो सितंबर 2025 तक थोड़ा सुधरकर 1.65% हो गया।
- दिसंबर 2025 तक ₹20 करोड़ की अन-एनकम्ब्रर्ड लिक्विडिटी के साथ लिक्विडिटी पर्याप्त है।
क्वालिटी पर असर:
कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी में गिरावट साफ दिख रही है। NIM और ROTA में कमी, साथ ही FY25 में बढ़े क्रेडिट कॉस्ट, कोर बिजनेस पर दबाव दिखा रहे हैं। CAR भले ही मजबूत है, लेकिन बढ़ी हुई गियरिंग कर्ज पर निर्भरता का संकेत देती है। कंपनी की नेट वर्थ (Net Worth) में वृद्धि इंटरनल एक्रूअल्स पर टिकी है, क्योंकि SHFL बाहरी इक्विटी कैपिटल जुटाने में नाकाम रही है।
फंड जुटाने में बड़ी मुश्किलें:
SHFL को इक्विटी जुटाने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा है। ₹100 करोड़ का राइट्स इश्यू अपर्याप्त सब्सक्रिप्शन के कारण वापस ले लिया गया, और वॉरंट्स भी लैप्स हो गए। इसके अलावा, ₹40 करोड़ का प्रस्तावित प्रेफरेंशियल कैपिटल इन्फ्यूजन भी नहीं हो पाया। कैपिटल जुटाने में यह विफलता सीधे तौर पर कंपनी की ऑपरेशंस को बढ़ाने की क्षमता को बाधित करती है, जैसा कि FY25 और H1FY26 में डिस्पर्समेंट्स (Disbursements) में आई भारी मंदी से पता चलता है। कंपनी में कई मैनेजमेंट और बोर्ड स्तर पर बदलाव भी देखे गए हैं, जिसमें प्रमुख लोगों के इस्तीफे शामिल हैं, जिससे गवर्नेंस संबंधी अनिश्चितताएं बढ़ी हैं।
🚩 जोखिम और आगे का रास्ता
CARE Ratings द्वारा 'Negative' आउटलुक इस बात पर जोर देता है कि कैपिटल जुटाने की चुनौतियां SHFL के ग्रोथ प्लान पर कितना असर डाल रही हैं। रेटिंग एजेंसी तभी आउटलुक को 'Stable' करेगी जब कंपनी ऑपरेशनल स्केल-अप को सपोर्ट करने के लिए पर्याप्त कैपिटल जुटाने में सफल होती है, और साथ ही अपनी प्रॉफिटेबिलिटी और एसेट क्वालिटी को बनाए रखती है। निवेशकों को किसी भी नए इक्विटी इन्फ्यूजन प्लान और उनके एग्जीक्यूशन पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए।