Star Health and Allied Insurance ने सितंबर तिमाही में **₹265 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। कंपनी की इस जबरदस्त ग्रोथ के पीछे बेहतर अंडरराइटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए फ्रॉड को रोकने की रणनीति मुख्य रही है।
बीमा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी Star Health and Allied Insurance के लिए दूसरी तिमाही बेहद शानदार रही है। पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले कंपनी का नेट प्रॉफिट 233% बढ़कर ₹265 करोड़ पर पहुंच गया है। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि कंपनी का अंडरराइटिंग प्रॉफिट ₹99 करोड़ रहा है, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में उसे ₹40 करोड़ का अंडरराइटिंग लॉस उठाना पड़ा था।
कम्बाइंड रेश्यो में सुधार
बीमा कंपनियों के लिए 'कम्बाइंड रेश्यो' मुनाफे का सबसे अहम पैमाना होता है। स्टार हेल्थ ने इसे पिछले साल के 100.9% से घटाकर इस बार 98% पर ला दिया है। यह सुधार अनुशासित प्राइसिंग और हाई-रिस्क बिजनेस से किनारा करने के कारण आया है। इसके अलावा, कंपनी ने AI टूल्स का सहारा लेकर फर्जी क्लेम पर लगाम लगाई है, जिससे पेआउट का बोझ कम हुआ है। कंपनी अब अपना फोकस टियर-2 और टियर-3 शहरों में बढ़ा रही है, जहां क्लेम रेश्यो मेट्रो शहरों के मुकाबले बेहतर है।
रेगुलेटरी बदलावों का साया
फिलहाल इंश्योरेंस सेक्टर में IRDAI के प्रस्तावित नियमों को लेकर चर्चा तेज है, जो डिस्ट्रीब्यूशन कमीशन को रेगुलेट कर सकते हैं। निवेशकों को चिंता है कि कमीशन कैपिंग से एजेंटों की उत्पादकता पर असर पड़ सकता है, जो स्टार हेल्थ के लिए रिस्क हो सकता है क्योंकि कंपनी का 96% प्रीमियम रिटेल हेल्थ सेगमेंट से आता है। हालांकि, मैनेजमेंट का मानना है कि ये बदलाव लॉन्ग-टर्म में इंश्योरेंस को आम लोगों के लिए और सस्ता बनाएंगे। कंपनी का लक्ष्य अगले तीन सालों में 'मिड-टू-हाई टीन्स' में रिटर्न ऑन इक्विटी हासिल करना है।
