भारत के GIFT City में सस्टेनेबल फाइनेंस का नया अध्याय
भारत के गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (GIFT City) में सस्टेनेबल फाइनेंस (Sustainable Finance) के लिए एक नया अध्याय जुड़ गया है। श्रीलंका के DFCC Bank PLC ने अपना पहला LKR 3 बिलियन का 'ब्लू बॉन्ड' (Blue Bond) NSE इंटरनेशनल एक्सचेंज (NSE IX) पर लिस्ट कराया है। यह लिस्टिंग GIFT City को उभरती अर्थव्यवस्थाओं (Emerging Markets) के लिए खास तरह के सस्टेनेबल फाइनेंस इंस्ट्रूमेंट्स के एक अहम अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म के तौर पर स्थापित करती है।
क्रॉस-बॉर्डर ग्रीन फाइनेंस (Cross-border Green Finance) को मिला बूस्ट
DFCC Bank का यह ब्लू बॉन्ड NSE IX पर लिस्ट होने से इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान और निवेशकों तक पहुँच मिलेगी। यह खास तौर पर समुद्री संरक्षण (Marine Conservation), स्वच्छ जल आपूर्ति (Clean Water Supply) और जलीय प्रदूषण नियंत्रण (Aquatic Pollution Control) जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए फंड जुटाने में मददगार होगा। GIFT City का मजबूत रेगुलेटरी ढांचा (Regulatory Framework) और ग्लोबल फाइनेंशियल ऑपरेशंस (Global Financial Operations) के लिए बनी इंफ्रास्ट्रक्चर इस कदम को और आसान बनाते हैं। श्रीलंका के कोलंबो स्टॉक एक्सचेंज (Colombo Stock Exchange) पर इस बॉन्ड की प्राइमरी लिस्टिंग और GIFT City में इसकी अंतरराष्ट्रीय ट्रेडिंग शुरुआत, कैपिटल जुटाने और निवेशकों को जोड़ने का एक बड़ा कदम है। भले ही 27 फरवरी 2026 को कोलंबो स्टॉक एक्सचेंज (CSE) का ऑल शेयर प्राइस इंडेक्स (ASPI) 0.25% नीचे आया हो, लेकिन 21 फरवरी 2026 को GIFT Nifty डेरिवेटिव्स मार्केट ने $23.48 बिलियन का सिंगल-डे टर्नओवर दर्ज कर एक्सचेंज की बढ़ती अहमियत को दिखाया है।
GIFT City का दबदबा और ब्लू बॉन्ड की क्षमता
GIFT City तेजी से सस्टेनेबल फाइनेंस का ग्लोबल हब बनता जा रहा है, जहाँ ग्रीन बॉन्ड्स (Green Bonds) के तहत $14 बिलियन से अधिक की राशि सुगम की जा चुकी है। IFSCA (International Financial Services Centres Authority) द्वारा रेगुलेटरी यूनिफॉर्मिटी (Regulatory Uniformity), टैक्स में छूट और विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर इसे दुबई के DIFC जैसे स्थापित सेंटर्स का एक मजबूत विकल्प बनाते हैं। ब्लू बॉन्ड मार्केट, जो अभी भी छोटा है, लेकिन तेजी से बढ़ रहा है। 2024 में ग्लोबल इश्यूएंस (Global Issuances) लगभग $3.22 बिलियन रहे, और अनुमान है कि 2030 तक यह मार्केट $70 बिलियन तक पहुँच सकता है। DFCC Bank का P/E ratio फरवरी 2026 के मध्य में लगभग 6.0x से 6.5x के आसपास था, जो एशियन बैंक्स इंडस्ट्री के औसत 10.7x से काफी बेहतर है। यह बताता है कि बैंक का वैल्यूएशन (Valuation) निवेशकों के लिए आकर्षक है। यह लिस्टिंग DFCC Bank के जून 2025 में LKR 2.5 बिलियन के फॉरेन-करेंसी ग्रीन बॉन्ड्स की सफलता के बाद आई है।
जोखिमों पर एक नजर
इस उम्मीद भरे माहौल के बावजूद, कुछ जोखिमों पर ध्यान देना जरूरी है। श्रीलंका की आर्थिक स्थिरता (Economic Stability) एक बड़ा फैक्टर है, जो उसके सॉवरेन और कॉर्पोरेट डेट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेशकों की रुचि को प्रभावित कर सकती है। ब्लू बॉन्ड मार्केट में लिक्विडिटी (Liquidity) की चिंताएं और पारंपरिक ग्रीन बॉन्ड्स की तुलना में रिस्क और रिटर्न का कम होना भी कुछ चुनौतियाँ हैं। इसके अलावा, ब्लू बॉन्ड के इस्तेमाल पर स्टैंडर्डाइज्ड इंपैक्ट रिपोर्टिंग (Standardized Impact Reporting) अभी भी विकसित हो रही है, जिससे पारदर्शिता (Transparency) और निवेशकों का भरोसा प्रभावित हो सकता है। क्रॉस-बॉर्डर लिस्टिंग (Cross-border Listings) में अलग-अलग ज्यूरिसडिक्शन (Jurisdictions) के कंप्लायंस (Compliance) की जटिलताओं से लागत और ऑपरेशनल दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
भविष्य की राह: ब्लू इकोनॉमी का विस्तार
यह ड्यूल लिस्टिंग (Dual Listing) DFCC Bank और GIFT City दोनों के लिए एक अहम कदम है। यह श्रीलंका और अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए ब्लू और ग्रीन बॉन्ड्स की आगे और इश्यूएंस (Issuances) का रास्ता खोल सकती है, जो ESG-aligned इन्वेस्टमेंट्स (ESG-aligned Investments) की बढ़ती वैश्विक मांग का फायदा उठाना चाहते हैं। GIFT City का बढ़ता इकोसिस्टम (Ecosystem) और रेगुलेटरी सपोर्ट इसे पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट्स के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।
