SpiceJet ने दिल्ली हाई कोर्ट से **₹50 करोड़** का पेमेंट करने के लिए और मोहलत मांगी है। **27 अगस्त** की समय सीमा चूकने के बाद कंपनी सरकारी फंड का इंतजार कर रही है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। मामले की अगली सुनवाई **21 सितंबर 2026** को होगी।
कोर्ट की नाराजगी और वित्तीय दबाव
SpiceJet और प्रमोटर अजय सिंह ने दिल्ली हाई कोर्ट से ₹50 करोड़ जमा करने की समय सीमा बढ़ाने की गुहार लगाई है। कंपनी कलानिधि मारन और उनकी फर्म Kal Airways के साथ चल रहे पुराने विवाद के तहत यह भुगतान करने में विफल रही है। 27 अगस्त 2026 की डेडलाइन मिस होने के बाद अब कंपनी पर कानूनी शिकंजा और कस गया है।
सरकारी फंड का इंतजार
एयरलाइन की लीगल टीम ने अदालत को बताया कि देरी की मुख्य वजह सरकार से मिलने वाली इमरजेंसी क्रेडिट सपोर्ट की दूसरी किश्त में हो रही देरी है। कंपनी के मुताबिक, पहली किश्त का उपयोग पहले ही फ्यूल, एयरपोर्ट चार्ज और सैलरी जैसे जरूरी खर्चों में किया जा चुका है। उम्मीद है कि सितंबर के मध्य तक अगली फंड किश्त मिल जाएगी।
निवेशकों की मुश्किलें
फिलहाल, दिल्ली हाई कोर्ट ने तत्काल कोई राहत नहीं दी है। अब इस मामले पर सुनवाई 21 सितंबर 2026 को होगी। एयरलाइन का स्टॉक ₹10.55 के आसपास ट्रेड कर रहा है, जो कंपनी की वित्तीय कमजोरी को दर्शाता है। भारी कर्ज, लगातार घाटा और कानूनी लड़ाइयों के चलते कंपनी की इंटरनल फाइनेंशियल फ्लैक्सिबिलिटी बेहद सीमित हो गई है। बाजार की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या कंपनी तय समय पर अपना बकाया चुका पाएगी या विवाद और गहराएगा।
