घाटे से कैसे निकली Spandana Sphoorty?
कंपनी के नतीजों के मुताबिक, इस तिमाही में बेहतर EBITDA यानी अर्निंग्स बिफोर इंटरेस्ट, टैक्स, डेप्रिसिएशन एंड एमोर्टाइजेशन के चलते मुनाफा दर्ज किया गया। EBITDA ₹121 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल यह ₹389 करोड़ के नेगेटिव में था। कंपनी का कहना है कि बेहतर पोर्टफोलियो क्वालिटी और लगभग 99.7% के कलेक्शन रेट्स की वजह से यह टर्नअराउंड संभव हुआ। पिछले तिमाही के मुकाबले लोन डिस्बर्समेंट में भी 30% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹1,539 करोड़ पर पहुंच गया।
रेवेन्यू में भारी गिरावट, AUM में 8 तिमाहियों बाद उछाल
हालांकि, कंपनी के लिए एक चिंता की बात यह है कि साल-दर-साल आधार पर रेवेन्यू में 37.4% की बड़ी गिरावट आई है और यह ₹260 करोड़ पर आ गया है। इसके बावजूद, कंपनी की एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) में पिछले 8 तिमाहियों में पहली बार 12% का इजाफा हुआ है और यह मार्च 2026 तक ₹4,420 करोड़ पर पहुंच गई है।
बैलेंस शीट क्लीन-अप और छिपी हुई चिंताएं
कंपनी ने दिसंबर 2025 को समाप्त नौ महीनों में ₹1,155.27 करोड़ के टेक्निकल राइट-ऑफ्स (Technical Write-offs) दर्ज किए हैं। इन राइट-ऑफ्स का मकसद बैलेंस शीट को साफ करना था, जिससे ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) को पिछले तिमाही के 4.24% से घटाकर 3.78% किया जा सके। हालांकि, जानकारों का मानना है कि ये राइट-ऑफ्स पुरानी लोन पोर्टफोलियो की गहरी समस्याओं को छिपा सकते हैं।
सेक्टर में चुनौतियां और पीयर कंपेरिजन
माइक्रोफाइनेंस सेक्टर लगातार बढ़ती ब्याज दरों और बैंकों व फिनटेक फर्मों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना कर रहा है। स्पैंडाना स्फूर्ति के मुकाबले, पीयर कंपनी CreditAccess Grameen ने इसी अवधि में मजबूत AUM ग्रोथ और स्थिर मार्जिन दिखाया है। स्पैंडाना की रेवेन्यू में गिरावट यह संकेत देती है कि कंपनी या तो कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना कर रही है या अपनी बैलेंस शीट को साफ करने पर ज्यादा ध्यान दे रही है। शेयर में 12.02% की तेजी ₹268.00 के स्तर पर आई, जबकि ट्रेडिंग वॉल्यूम औसत से काफी ऊपर था। रेवेन्यू में गिरावट के बावजूद शेयर का यह उछाल शॉर्ट-कवरिंग के कारण हो सकता है।
भविष्य की राह और मैनेजमेंट का नज़रिया
सीईओ वेंकटेश कृष्णन कंपनी के भविष्य को लेकर आश्वस्त हैं और उनका मानना है कि मुनाफा वापसी और बेहतर एसेट क्वालिटी के बाद कंपनी ग्रोथ के लिए तैयार है। हालांकि, कंपनी ने हालिया फाइलिंग में कोई खास फॉरवर्ड-लुकिंग गाइडेंस नहीं दिया है। विश्लेषकों की राय बंटी हुई है; कुछ ने मुनाफे में सुधार के बाद रेटिंग बढ़ाई है, तो कुछ रेवेन्यू ग्रोथ के संकेतों का इंतजार कर रहे हैं।
