Spandana Sphoorty Q1 Results: प्रॉफिट में 125% का उछाल, पर एनालिस्ट्स को झटका

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Spandana Sphoorty Q1 Results: प्रॉफिट में 125% का उछाल, पर एनालिस्ट्स को झटका

Spandana Sphoorty ने Q1 FY27 के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं। कंपनी के मुनाफे में पिछले तिमाही के मुकाबले **125%** की शानदार बढ़ोतरी हुई है, लेकिन यह एनालिस्ट्स के अनुमान से **28%** कम रहा। नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में मजबूत ग्रोथ देखी गई, वहीं असाइनमेंट इनकम में आई भारी गिरावट ने कुल कमाई पर असर डाला।

Detailed Coverage

नतीजों पर एक नजर

Spandana Sphoorty Financial Limited ने पहली तिमाही, वित्तीय वर्ष 2027 के नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने ₹119 मिलियन का आफ्टर-टैक्स प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछली तिमाही की तुलना में 125% ज्यादा है। हालांकि, यह आंकड़ा एनालिस्ट्स की उम्मीदों से करीब 28% कम रहा।

नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में दमदार प्रदर्शन

तिमाही के दौरान कंपनी की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में मजबूत उछाल देखा गया। यह पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 14% बढ़ी और पिछली तिमाही के मुकाबले 40% बढ़कर लगभग ₹1.5 बिलियन पर पहुंच गई। NII में यह ग्रोथ मार्केट के अनुमानों से 18% ज्यादा रही, जो कर्ज की मांग में स्वस्थ सुधार का संकेत देती है।

नॉन-इंटरेस्ट इनकम में बड़ी गिरावट

जहां NII ने अच्छा प्रदर्शन किया, वहीं नॉन-इंटरेस्ट इनकम में भारी गिरावट आई। यह तिमाही में लगभग ₹230 मिलियन रही, जो अनुमानित ₹573 मिलियन से काफी कम है। मैनेजमेंट का कहना है कि इस गिरावट का मुख्य कारण लोन पोर्टफोलियो के असाइनमेंट से होने वाली आय में कमी है। दरअसल, यह वो बिजनेस एक्टिविटी है जहां कंपनियां अपने लोन का एक हिस्सा दूसरी वित्तीय संस्थाओं को बेच देती हैं।

ब्रोकरेज हाउस की राय

इन नतीजों के बाद, Motilal Oswal ने स्टॉक पर न्यूट्रल (Neutral) रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस ₹290 तय किया है। यह वैल्यूएशन मार्च 2028 के अनुमानित नतीजों पर आधारित 0.9x प्राइस-टू-बुक मल्टीपल का इस्तेमाल करके निकाला गया है। ब्रोकरेज फर्म का अनुमान है कि वित्तीय वर्ष 2026 से 2028 के बीच लोन डिस्बर्समेंट में 43% और एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में 42% की सालाना चक्रवृद्धि दर (CAGR) से ग्रोथ देखने को मिल सकती है। कंपनी का लक्ष्य वित्तीय वर्ष 2028 तक 3.2% का रिटर्न ऑन एसेट्स (ROA) और 11% का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) हासिल करना है।

आगे क्या?

निवेशकों को अब कंपनी की असाइनमेंट इनकम को वापस बढ़ाने की क्षमता पर नजर रखनी होगी, क्योंकि इसमें उतार-चढ़ाव तिमाही नतीजों में अस्थिरता ला सकता है। इसके अलावा, नेट इंटरेस्ट इनकम की लगातार ग्रोथ देखना भी अहम होगा ताकि यह पता चल सके कि कंपनी आने वाली तिमाहियों में अपने प्रदर्शन और मार्केट की उम्मीदों के बीच के अंतर को कैसे पाटती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.