South Indian Bank ने FY27 की दूसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। बैंक का नेट प्रॉफिट **21%** बढ़कर **₹426.13 करोड़** हो गया है। इंटरेस्ट इनकम में बढ़ोतरी और बैड लोन में आई कमी इस तेजी की मुख्य वजह है।
इंटरेस्ट मार्जिन में जबरदस्त सुधार
बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में 38% का इजाफा दर्ज किया गया है और यह ₹1,116 करोड़ पर पहुंच गई है। बैंक के लिए सबसे सकारात्मक बात नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) का 3.33% तक पहुंचना है, जो पिछले साल 2.80% था। यह इस बात का संकेत है कि बैंक अपनी फंडिंग कॉस्ट और लोन देने की दरों के बीच संतुलन बनाने में काफी सफल रहा है।
घट रहे हैं बैड लोन
मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ महेश मुरलीधर पई के नेतृत्व में बैंक अब 'क्वालिटी क्रेडिट ग्रोथ' पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। इसका सीधा असर बैलेंस शीट पर दिखा है। बैंक के ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (Gross NPA) पिछले साल के 2.93% से गिरकर अब 1.24% रह गए हैं। वहीं, नेट NPA भी 0.56% से घटकर 0.09% पर आ गए हैं, जो एसेट क्वालिटी में बड़े सुधार को दर्शाते हैं।
डिपॉजिट और रिटेल ग्रोथ पर फोकस
लिक्विडिटी की होड़ के बीच बैंक ने अपने रिटेल डिपॉजिट में 15% की ग्रोथ हासिल की है, जो अब ₹1,29,353 करोड़ हो गया है। बैंक का CASA पोर्टफोलियो भी 17.56% बढ़ा है, जो बैंक के लिए सस्ते फंड जुटाने में मददगार साबित हो रहा है। एनआरआई (NRI) सेगमेंट से भी बैंक को अच्छा रिस्पॉन्स मिला है, जहाँ ₹5,008 करोड़ का नया निवेश आया है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि क्या बैंक इसी रफ्तार को आगे भी बनाए रख पाएगा या नहीं।
