Small Finance Banks: 2027 तक बदल जाएगी तस्वीर, बैड लोन में आएगी बड़ी गिरावट

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Small Finance Banks: 2027 तक बदल जाएगी तस्वीर, बैड लोन में आएगी बड़ी गिरावट

Small Finance Banks (SFBs) के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। Crisil Ratings के मुताबिक, मार्च 2027 तक इनके बैड लोन (GNPA) घटकर **2.6% से 2.8%** के दायरे में आने की उम्मीद है।

भारत के Small Finance Banks अपने क्रेडिट पोर्टफोलियो में एक बड़ा स्ट्रक्चरल बदलाव देख रहे हैं। Crisil Ratings की नई रिपोर्ट के अनुसार, जो GNPA पिछले फाइनेंशियल ईयर के अंत में 3.8% था, वह मार्च 2027 तक गिरकर 2.6% से 2.8% तक आ सकता है। यह सुधार बैंकों के बदलते बिजनेस मॉडल और जोखिम प्रबंधन का नतीजा है।

लेंडिंग स्ट्रैटेजी में बड़ा बदलाव

बैंकों ने अब उधार देने के नियमों को काफी सख्त कर दिया है। माइक्रोफाइनेंस सेगमेंट में अब उधारकर्ताओं की रिपेमेंट कैपेसिटी की जांच और बारीकी से की जा रही है, ताकि कर्ज न चुका पाने वाले ओवर-लीवरेज्ड उधारकर्ताओं को सिस्टम से बाहर रखा जा सके।

पहले यह सेक्टर अनसिक्योर्ड माइक्रोफाइनेंस पर बहुत ज्यादा निर्भर था, जिससे इसमें काफी उतार-चढ़ाव आते थे। अब ये बैंक अपने लोन पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई कर रहे हैं और 'नॉन-माइक्रोफाइनेंस' कैटेगरी (सिक्योर्ड लोन) की ओर बढ़ रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक, माइक्रोफाइनेंस सेगमेंट का GNPA, जो कभी 8.4% के पीक पर था, अब सुधार के साथ 3.8% से 4% के बीच रहने का अनुमान है।

विकास और सावधानी का संतुलन

निवेशकों को सतर्क रहने की भी जरूरत है। नए लोन सेगमेंट, जैसे रिटेल या स्मॉल बिजनेस लोन, अभी तक आर्थिक मंदी के दौर से नहीं गुजरे हैं। इसका मतलब यह है कि अभी इन पोर्टफोलियो की 'सीजनिंग' (परीक्षण) पूरी नहीं हुई है।

इसके अलावा, महंगाई जैसे मैक्रोइकॉनॉमिक फैक्टर इन बैंकों के छोटे ग्राहकों की आय पर दबाव डाल सकते हैं। निवेशकों के लिए अगले कुछ क्वार्टर्स के नतीजे और मैनेजमेंट की कमेंट्री अहम होगी, विशेषकर इस बात पर कि बैंक बिना क्रेडिट स्टैंडर्ड्स से समझौता किए अपने लोन बुक का विस्तार कैसे करते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.