FD Rates: क्या बड़े बैंकों को छोड़कर Small Finance Banks में पैसा लगाना है सही? मिल रहा है **8.25%** तक का रिटर्न

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AuthorNeha Patil|Published at:
FD Rates: क्या बड़े बैंकों को छोड़कर Small Finance Banks में पैसा लगाना है सही? मिल रहा है **8.25%** तक का रिटर्न

अगर आप अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर मोटा मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो Small Finance Banks में आपको **8.25%** तक का ब्याज मिल रहा है, जो बड़े बैंकों की **6.50%** वाली दरों से कहीं ज्यादा है। लेकिन ज्यादा रिटर्न के साथ जुड़े जोखिमों को समझना भी जरूरी है।

बड़े बैंकों के मुकाबले क्यों मिल रहा है ज्यादा ब्याज?

अक्टूबर 2026 की शुरुआत में, FD निवेशकों के लिए एक साफ अंतर दिख रहा है। जहां State Bank of India, HDFC Bank और ICICI Bank जैसे बड़े बैंक अपनी FD पर 6.40% से 6.50% के बीच ब्याज दे रहे हैं, वहीं Suryoday, Utkarsh, Equitas और Jana Small Finance Bank जैसे संस्थान जमा राशि जुटाने के लिए 8.25% तक का ऑफर दे रहे हैं। ये छोटे बैंक अपने लोन पोर्टफोलियो को फंड करने के लिए आक्रामक तरीके से डिपॉजिट जुटाना चाहते हैं, इसलिए वे ग्राहकों को लुभाने के लिए प्रीमियम ब्याज दरें दे रहे हैं।

सुरक्षा का पैमाना: DICGC का कवच

ज्यादा ब्याज के चक्कर में सुरक्षा को नजरअंदाज न करें। भारत के सभी शेड्यूल्ड बैंकों की तरह, Small Finance Banks भी Deposit Insurance and Credit Guarantee Corporation (DICGC) के दायरे में आते हैं। इसका मतलब है कि आपकी ₹5 लाख तक की जमा राशि (मूलधन और ब्याज मिलाकर) पूरी तरह सुरक्षित है। 1 अप्रैल 2026 से लागू 'रिस्क-बेस्ड प्रीमियम' सिस्टम के तहत बैंकों को उनके जोखिम प्रोफाइल के हिसाब से प्रीमियम देना होता है, जो छोटे बैंकों को बेहतर आर्थिक सेहत बनाए रखने के लिए प्रेरित करता है। समझदार निवेशक अक्सर अपनी बड़ी रकम को एक बैंक में रखने के बजाय कई बैंकों में बांटकर सुरक्षित करते हैं।

निवेश से पहले किन बातों का रखें ख्याल?

ज्यादा रिटर्न के पीछे छिपे जोखिमों को समझना बहुत जरूरी है। छोटे बैंकों का मार्जिन अक्सर दबाव में रहता है और इनका बड़ा हिस्सा माइक्रोफाइनेंस सेक्टर से जुड़ा होता है, जो आर्थिक उतार-चढ़ाव में अस्थिर हो सकता है। यदि आप रिटायर हैं या रिस्क नहीं लेना चाहते, तो केवल ब्याज दर न देखें। बैंक का कैपिटल एडिक्वेसी रेश्यो (Capital Adequacy Ratio) और एनपीए (NPA) लेवल जरूर चेक करें। हमेशा ऐसी बैंक चुनें जिसका लोन पोर्टफोलियो सुरक्षित सेगमेंट्स जैसे MSME या व्हीकल लोन में फैला हुआ हो।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.