Slice Small Finance Bank ने **$10 करोड़** की नई फंडिंग जुटाई है, लेकिन इसकी वैल्यूएशन घटकर **$45-47 करोड़** रह गई है। साल 2022 की **$1.5 अरब** की पीक वैल्यूएशन के मुकाबले यह एक बड़ा सुधार है, क्योंकि कंपनी अब नॉर्थ ईस्ट स्मॉल फाइनेंस बैंक के साथ विलय के बाद एक रेगुलेटेड बैंक बन चुकी है।
वैल्यूएशन में भारी बदलाव
Slice Small Finance Bank ने अपनी नई फंडिंग राउंड में $10 करोड़ की पूंजी जुटाई है, जिसके बाद कंपनी की नई वैल्यूएशन लगभग $45 करोड़ से $47 करोड़ के बीच आंकी गई है। यह आंकड़ा कंपनी की साल 2022 की $1.5 अरब की रिकॉर्ड वैल्यूएशन से करीब 68% से 70% कम है। यह बदलाव बताता है कि अब हाई-ग्रोथ फिनटेक कंपनियों को ट्रेडिशनल बैंकिंग मॉडल में ढलते समय मार्केट वैल्यूएशन में एडजस्टमेंट करना पड़ रहा है।
इस राउंड में Neo Wealth, Moore Strategic Ventures और Kado Global जैसे निवेशकों ने पैसा लगाया है। इस डील में प्राइमरी कैपिटल के साथ-साथ सेकेंडरी ट्रांजैक्शन भी शामिल थे, जिससे पुराने शेयरहोल्डर्स को एग्जिट का मौका मिला।
बैंकिंग सेक्टर में बड़ा कदम
अक्टूबर 2024 में नॉर्थ ईस्ट स्मॉल फाइनेंस बैंक के साथ विलय के बाद, Slice अब एक पूरी तरह से रेगुलेटेड स्मॉल फाइनेंस बैंक बन चुका है। पहले कंपनी केवल क्रेडिट पर आधारित थी, लेकिन अब लाइसेंस मिलने के बाद यह डिपॉजिट लेने और पूरी तरह से बैंकिंग सेवाएं देने के लिए सक्षम है।
फाइनेंशियल्स पर एक नजर
कंपनी के ऑपरेशनल नतीजों में सुधार दिख रहा है। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही (जून 2026) में बैंक ने ₹50.9 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी तिमाही में ₹10.1 करोड़ के लॉस के मुकाबले काफी बेहतर है। जून 2026 तक बैंक का ग्रॉस लोन बुक ₹5,098 करोड़ रहा और कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो 18.2% दर्ज किया गया।
हालांकि, अब बैंक सीधे RBI (Reserve Bank of India) की निगरानी में है। अब चुनौती है कि कंपनी कैसे अपने कम लागत वाले डिपॉजिट बेस को बढ़ाती है और रिटेल बैंकिंग के इस भीड़ भरे मार्केट में खुद को कैसे टिकाए रखती है।
