Slice SFB: नए CEO बने संस्थापक Rajan Bajaj, AI से बैंकिंग में क्रांति की तैयारी

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Slice SFB: नए CEO बने संस्थापक Rajan Bajaj, AI से बैंकिंग में क्रांति की तैयारी
Overview

Slice Small Finance Bank (SSFB) के निवेशकों के लिए एक बड़ी खबर है। कंपनी के संस्थापक Rajan Bajaj को नया मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ नियुक्त किया गया है। यह बदलाव **17 फरवरी, 2026** से लागू होगा। यह कदम बैंक के फिनटेक से डिपॉजिट लेने वाले संस्थान में बदलने की बड़ी योजना का हिस्सा है।

नेतृत्व परिवर्तन और बड़ी रणनीति

Rajan Bajaj का Slice Small Finance Bank (SSFB) की कमान संभालना एक महत्वपूर्ण रणनीतिक मोड़ है। मूल फिनटेक कंपनी के संस्थापक होने के नाते, Bajaj की नियुक्ति का मतलब है कि कंपनी अब एक ऑनलाइन क्रेडिट प्लेटफॉर्म से एक व्यापक, टेक्नोलॉजी-संचालित रिटेल बैंक बनने के अपने विजन को जारी रखेगी। यह बदलाव इसलिए अहम है क्योंकि SSFB, North East Small Finance Bank के अधिग्रहण और विलय के बाद, अब एक बैंकिंग लाइसेंस के साथ काम कर रहा है, जिससे यह जनता से डिपॉजिट स्वीकार कर सकता है। इस बड़े कदम से बैंक के पिछले नॉन-बैंकिंग फाइनेंस मॉडल की तुलना में फंडिंग की लागत कम होगी, जिससे मार्जिन और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी। Bajaj ने अपनी रणनीति में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका पर जोर दिया है, जिसका लक्ष्य है "बैंकिंग को वास्तव में व्यक्तिगत बनाना" और ग्राहकों के लिए जटिल वित्तीय फैसलों को आसान बनाना।

डिपॉजिट बढ़ाना और फंडिंग का फायदा

बैंकिंग लाइसेंस मिलने से Slice की फंडिंग संरचना पूरी तरह बदल गई है। पब्लिक से डिपॉजिट स्वीकार करके, SSFB अब कम लागत वाले पूंजी स्रोत का उपयोग कर सकता है, जिससे महंगी होलसेल फंडिंग पर निर्भरता कम हो जाएगी। यह एक स्ट्रक्चरल फायदा है जिसका लाभ AU Small Finance Bank और Ujjivan Small Finance Bank जैसी अन्य बैंक भी उठा रही हैं। Slice ने अपने पहले साल में 40 लाख से ज़्यादा बचत खाते खोलने में सफलता पाई है, हालांकि इसके CASA (Current Account Savings Account) रेशियो के आंकड़े अभी सार्वजनिक नहीं हुए हैं। डिपॉजिट की ओर बढ़ना किसी भी स्मॉल फाइनेंस बैंक (SFB) के लिए स्थायी विकास और लाभप्रदता बढ़ाने के लिए एक आवश्यक कदम है, जो Equitas Small Finance Bank और AU Small Finance Bank जैसे सभी प्रमुख SFBs ने अपनाया है।

एआई-संचालित बैंकिंग का भविष्य

Bajaj का AI पर रणनीतिक जोर इंडस्ट्री के एक बड़े ट्रेंड के अनुरूप है। एक रिपोर्ट के अनुसार, AI भारतीय बैंकिंग में 35-50% तक भूमिकाओं को बदल सकता है, जबकि एक अन्य अध्ययन में जनरेटिव AI से 2030 तक बैंकिंग ऑपरेशंस में 46% तक उत्पादकता बढ़ने का अनुमान है। भारतीय वित्तीय संस्थान लागत कम करने के साथ-साथ राजस्व बढ़ाने के लिए AI का उपयोग कर रहे हैं, खासकर कस्टमर एंगेजमेंट, क्रेडिट निर्णय और जोखिम प्रबंधन में। Slice SFB के लिए, AI को अपनाना फिनटेक से डिपॉजिट लेने वाले बैंक के रूप में स्केल करने की जटिलताओं को दूर करने और भीड़ भरे बाजार में खुद को अलग करने की कुंजी हो सकता है, जहाँ बेहतर ग्राहक अनुभव सर्वोपरि है।

वित्तीय सेहत और कॉम्पिटिशन

Slice SFB को भारत के बढ़ते स्मॉल फाइनेंस बैंकिंग सेक्टर में कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है। AU Small Finance Bank और Ujjivan Small Finance Bank जैसी कंपनियाँ मजबूत ग्रोथ दिखा रही हैं। हालाँकि, Slice SFB को अपनी पिछली वित्तीय चुनौतियों से पार पाना है। वित्त वर्ष 25 (FY25) में ₹217 करोड़ का नेट लॉस दर्ज करने के बाद, बैंक ने वित्त वर्ष 26 की पहली छमाही (H1 FY26) में ₹7 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है, जो एक सकारात्मक उलटफेर दिखाता है। 30 सितंबर, 2025 तक बैंक का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) ₹3,759 करोड़ था, जो AU SFB (दिसंबर 2024 तक ₹1,12,260 करोड़ डिपॉजिट) जैसे बड़े खिलाड़ियों की तुलना में काफी छोटा है। ESAF Small Finance Bank जैसी कंपनियाँ अभी भी ₹115.81 करोड़ के नेट लॉस और 8.54% ग्रॉस एनपीए (Gross NPA) जैसी चुनौतियों से जूझ रही हैं।

रेगुलेटरी माहौल और आगे का रास्ता

स्मॉल फाइनेंस बैंकों के लिए रेगुलेटरी माहौल लगातार विकसित हो रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने गवर्नेंस को सुव्यवस्थित करने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। 1 अप्रैल, 2026 से माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइजेज (MSEs) के लिए कोलेटरल-फ्री लोन की सीमा दोगुनी करके ₹20 लाख कर दी गई है। यह बदलाव MSEs ऋणदाताओं, जिनमें Slice SFB भी शामिल है, के लिए बाजार का विस्तार कर सकता है। समग्र रूप से SFB सेक्टर के लिए आउटलुक सकारात्मक बना हुआ है, क्योंकि वे वित्तीय समावेशन पर ध्यान केंद्रित करते हैं और कम सेवा वाले क्षेत्रों को लक्षित करते हैं, जिससे उच्च विकास की संभावना बनती है।

भविष्य की राह

Rajan Bajaj के नेतृत्व में, Slice SFB अपनी बैंकिंग लाइसेंस और AI-संचालित पहलों का लाभ उठाते हुए अपनी रणनीतिक दिशा जारी रखेगा। विश्लेषकों का अनुमान है कि SFB सेक्टर के लिए आउटलुक सावधानीपूर्वक आशावादी बना हुआ है। Slice SFB के लिए, तत्काल ध्यान लाभप्रदता को मजबूत करने, डिपॉजिट बेस का विस्तार करने और क्रेडिट जोखिम को समझदारी से प्रबंधित करने पर होगा, साथ ही अपने डिजिटल उत्पादों को बढ़ाना होगा। बैंक की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह स्थापित SFBs और पारंपरिक बैंकों के साथ प्रभावी ढंग से प्रतिस्पर्धा कर सके और AI के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के माध्यम से व्यक्तिगत, लागत प्रभावी डिजिटल बैंकिंग सेवाएं प्रदान कर सके।

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