Sindhuja Microcredit: ₹47 करोड़ जुटाए, पर वैल्यूएशन अभी बाकी! जानिए वजह

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AuthorAditya Rao|Published at:
Sindhuja Microcredit: ₹47 करोड़ जुटाए, पर वैल्यूएशन अभी बाकी! जानिए वजह
Overview

Noida-based Sindhuja Microcredit ने मौजूदा विदेशी निवेशकों Abler Nordic, Gawa Capital, और Oikocredit से **$5 मिलियन** (लगभग **₹47 करोड़**) की प्री-सीरीज डी फंडिंग हासिल कर ली है। यह फंड कंपनी के विस्तार को गति देगा। हालांकि, सेक्टर में चल रही चुनौतियों के चलते कंपनी ने वैल्यूएशन को फिलहाल टाल दिया है।

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माइक्रोफाइनेंस सेक्टर में सुस्ती के बावजूद, Noida की Sindhuja Microcredit ने अपने मौजूदा विदेशी निवेशकों Abler Nordic, Gawa Capital, और Oikocredit से $5 मिलियन (लगभग ₹47 करोड़) की प्री-सीरीज डी फंडिंग हासिल कर ली है। यह फंड कंपनी की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने और विस्तार योजनाओं को गति देने में मदद करेगा।

वैल्यूएशन पर अनिश्चितता

कंपनी ने इस राउंड में अपने वैल्यूएशन को अगली सीरीज डी (Series D) फंडिंग तक टालने का फैसला किया है। Sindhuja के को-फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर, Abhisheka Kumar ने बताया कि शेयर की कीमत अगली फंडिंग के दौरान तय की जाएगी, और इस प्री-सीरीज डी राउंड के निवेशकों को डिस्काउंट (Discount) दिया जाएगा। यह कदम मौजूदा बाजार के माहौल और माइक्रोफाइनेंस इंडस्ट्री की अस्थिरता को दर्शाता है। इस राउंड से पहले, Abler Nordic की 25.3%, Gawa Capital की 13.5%, और Oikocredit की 9.7% हिस्सेदारी थी।

सेक्टर पर भारी दबाव

भारत का माइक्रोफाइनेंस सेक्टर इस समय काफी दबाव में है। अनुमान है कि मार्च 2025 तक ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPAs) बढ़कर 16% तक पहुंच सकते हैं, जो पिछले साल 8.8% थे। इसकी वजह उधारकर्ताओं पर कर्ज का बोझ बढ़ना, आर्थिक मंदी और प्राकृतिक आपदाएं हैं। इस दबाव का असर प्रॉफिट पर भी पड़ा है, कई लिस्टेड माइक्रोफाइनेंस कंपनियों ने मार्च तिमाही में घाटा या मुनाफे में भारी गिरावट दर्ज की है। हालांकि, MFIN जैसे उद्योग समूह मानते हैं कि सेक्टर ने सबसे बुरा दौर पार कर लिया है, जिसमें जनवरी तक 4.7% (PAR 30+ days) का पोर्टफोलियो प्रदर्शन बेहतर हुआ है। RBI जैसे रेगुलेटर उधारकर्ताओं की सुरक्षा और जिम्मेदार लेंडिंग को बढ़ावा देने के लिए नियम बना रहे हैं।

Sindhuja का प्रदर्शन

इन व्यापक सेक्टर चुनौतियों के बावजूद, Sindhuja Microcredit ने मजबूत ऑपरेशनल ग्रोथ दिखाई है। मार्च के अंत तक इसका ग्रॉस लोन पोर्टफोलियो बढ़कर ₹1080 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹952 करोड़ था। कंपनी एसेट क्वालिटी को अच्छा बनाए हुए है, फाइनेंशियल ईयर 2025 में 90+ दिनों के बकाए लोन सिर्फ 0.6% थे। फाइनेंशियल ईयर 24 में इसका 90-दिन का DPD 1.40% था, जो कई इंडस्ट्री पीयर्स से बेहतर है। Sindhuja के पास पर्याप्त पूंजी है, फाइनेंशियल ईयर 24 में कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो 30% और लीवरेज रेशियो 2.83x था, जिसे निवेशकों का लगातार समर्थन मिला है।

निवेशकों का भरोसा

Abler Nordic, Gawa Capital (अपने Huruma Fund के जरिए), और Oikocredit जैसे मौजूदा निवेशकों का लगातार निवेश, Sindhuja के लक्ष्यों और वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) को बढ़ाने के प्रयासों पर उनके भरोसे को दर्शाता है। ये निवेशक आम तौर पर उन वित्तीय फर्मों का समर्थन करते हैं जो कम आय वाले परिवारों और छोटे व्यवसायों को मदद करती हैं।

जोखिम और चिंताएं

माइक्रोफाइनेंस सेक्टर में लगातार बना हुआ तनाव Sindhuja के लिए वास्तविक जोखिम पैदा करता है। उच्च एनपीए, उधारकर्ताओं पर अत्यधिक कर्ज का बोझ, और क्रेडिट लागत में बढ़ोतरी चिंता का विषय बनी हुई है। सख्त रेगुलेशन, जो लंबी अवधि की स्थिरता के लिए अच्छे हैं, छोटे ऋणदाताओं के लिए अल्पावधि में कैश फ्लो की समस्या पैदा कर सकते हैं और ग्रोथ को धीमा कर सकते हैं। डिस्काउंट के साथ वैल्यूएशन टालना, सीधे तौर पर इसी सावधानी को दर्शाता है। इसके अलावा, Sindhuja का लोन पोर्टफोलियो कुछ खास इलाकों में केंद्रित है, जो इसे स्थानीय मुद्दों के प्रति अधिक संवेदनशील बनाता है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.