RBI की मंजूरी के बाद शेयर में तेजी
RBI की इस मंजूरी के बाद, Shriram Finance के शेयरों में बुधवार को 1.67% की तेजी देखी गई और यह ₹1,020.95 पर बंद हुआ। यह स्टॉक मार्केट में एक अहम कदम है, क्योंकि कंपनी अब पारंपरिक ऋण व्यवसाय से आगे बढ़कर सरकारी सिक्योरिटीज (G-sec) के कारोबार में उतरेगी।
रेटिंग्स में हुआ जबरदस्त सुधार
Shriram Finance के लिए यह एक बड़ी सफलता है। हाल ही में, S&P Global Ratings ने कंपनी की लॉन्ग-टर्म इश्यूअर क्रेडिट रेटिंग को 'BB+' से बढ़ाकर 'BBB-' कर दिया, और आउटलुक को 'स्टेबल' रखा। इसके साथ ही, ICRA और Fitch जैसी रेटिंग एजेंसियों ने भी कंपनी की रेटिंग में सुधार किया है। इन अपग्रेड्स का श्रेय MUFG Bank से मिले बड़े निवेश और कंपनी के मजबूत पूंजीकरण को दिया जा रहा है।
प्राइमरी डीलर (PD) का काम क्या है?
प्राइमरी डीलर (PD) भारत के सरकारी सिक्योरिटीज (G-sec) बाजार के महत्वपूर्ण हिस्सेदार होते हैं। ये सरकार की ओर से जारी किए जाने वाले कर्ज की नीलामी में अंडरराइटिंग का काम करते हैं और बाजार में लिक्विडिटी बनाए रखने में मदद करते हैं। इस क्षेत्र में Shriram Finance का प्रवेश, अपने विस्तृत नेटवर्क का उपयोग करके सरकारी कर्ज को अंडरराइट और बेचने की योजना का हिस्सा है।
कंपनी की वित्तीय स्थिति और चुनौतियाँ
Shriram Finance, जिसका मार्केट कैप लगभग ₹2.4 लाख करोड़ है, एक बड़ी नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) है। इसका पिछ्ले बारह महीनों का P/E रेश्यो करीब 20.5x-20.8x है। हालांकि, अप्रैल 2025 में कंपनी के Q4 FY25 के नतीजे उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहे थे, जिसके कारण शेयर में 8-9% तक की गिरावट आई थी। बढ़ती क्रेडिट कॉस्ट और नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पर दबाव जैसी चिंताएँ सामने आई थीं। कंपनी ने मार्च तिमाही 2025 में ₹2,345.11 करोड़ के ग्रॉस एनपीए (Gross NPAs) का राइट-ऑफ भी किया है, जो ऋण गुणवत्ता प्रबंधन पर सवाल खड़े करता है।
एनालिस्ट्स का भरोसा और भविष्य की राह
इन चुनौतियों के बावजूद, एनालिस्ट्स Shriram Finance को लेकर काफी पॉजिटिव हैं। वर्तमान में, इसे "Strong Buy" रेटिंग मिली हुई है और 12 महीने का टारगेट प्राइस ₹1,165 से ₹1,200 के बीच रहने का अनुमान है। RBI से मिली यह मंजूरी और रेटिंग में सुधार, कंपनी को वित्तीय बाजारों में अपनी पकड़ मजबूत करने में मदद कर सकते हैं।
