Shriram Finance ने अगले तीन सालों में अपने गोल्ड लोन पोर्टफोलियो को दोगुना कर कुल संपत्ति का **5%** तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। साथ ही, कंपनी अपने MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) लेंडिंग बिजनेस को अपने कुल लोन बुक का **20%** बनाने पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है।
Detailed Coverage
गोल्ड लोन में बड़ी हिस्सेदारी का लक्ष्य
Shriram Finance अपनी लेंडिंग स्ट्रैटेजी में बड़ा बदलाव ला रही है। कंपनी अब गोल्ड लोन और MSME (माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइज) सेगमेंट्स में तेजी से ग्रोथ पर फोकस कर रही है। जून 2026 तक, कंपनी के पास ₹7,514 करोड़ का गोल्ड लोन था, जो उसके कुल ₹3.13 लाख करोड़ के लोन बुक का करीब 2.39% था। अब कंपनी का लक्ष्य अगले तीन सालों में इस हिस्सेदारी को दोगुना कर 5% तक पहुंचाना है।
गोल्ड लोन में 46% की ग्रोथ
गोल्ड लोन पोर्टफोलियो ने दमदार मोमेंटम दिखाया है। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में इसमें 46% का सालाना इजाफा दर्ज किया गया। यह ग्रोथ सोने की बढ़ती कीमतों और भारतीय घरों से लगातार डिमांड के कारण फाइनेंशियल संस्थानों के गोल्ड-बैक्ड लेंडिंग में बढ़ती दिलचस्पी को दर्शाती है। Shriram Finance इस ग्रोथ को एक्विजिशन (Acquisition) के बजाय ऑर्गेनिक तरीके से हासिल करने की योजना बना रही है। कंपनी अपनी 3,200 से अधिक ब्रांचेज और 1 करोड़ से ज्यादा के कस्टमर बेस का इस्तेमाल इन प्रोडक्ट्स को क्रॉस-सेल (Cross-sell) करने के लिए करेगी।
MSME लोन में 20% हिस्सेदारी का टारगेट
गोल्ड लोन के साथ-साथ, कंपनी अगले कुछ सालों में अपने MSME लोन पोर्टफोलियो की हिस्सेदारी 20% तक पहुंचाने का लक्ष्य भी लेकर चल रही है। जून 2026 तक, MSME लोन ₹41,962 करोड़ पर थे, जो पिछले साल की तुलना में 8% अधिक है। यह सेगमेंट वर्तमान में कंपनी के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (Assets Under Management) में तीसरा सबसे बड़ा है। मैनेजमेंट का मानना है कि MSME सेक्टर में काफी अवसर हैं, जिसमें MUFG से हालिया कैपिटल इन्फ्यूजन (Capital Infusion) का भी सहयोग मिल रहा है।
कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट सेगमेंट में गिरावट
जहां कंपनी इन रिटेल-फोक्स्ड सेगमेंट्स में ग्रोथ बढ़ा रही है, वहीं उसके बिजनेस के दूसरे हिस्से अलग ट्रेंड दिखा रहे हैं। खास तौर पर, कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट सेगमेंट, जो एसेट्स के हिसाब से कंपनी का चौथा सबसे बड़ा सेगमेंट है, उसमें गिरावट देखी गई है। जून 2026 को समाप्त तिमाही के लिए कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट में करीब 25.17% की गिरावट आई और यह ₹12,373 करोड़ रह गया।
निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण बातें
निवेशकों के लिए, इस स्ट्रैटेजी की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनी इन नए पोर्टफोलियो की ग्रोथ के साथ-साथ एसेट क्वालिटी (Asset Quality) को बनाए रख पाती है या नहीं। हालांकि गोल्ड लोन को आमतौर पर कोलैटरल (Collateral) के कारण सुरक्षित माना जाता है, लेकिन MSME लेंडिंग में विस्तार के लिए सावधानीपूर्वक क्रेडिट असेसमेंट (Credit Assessment) की आवश्यकता होती है, खासकर जब स्मॉल बिजनेस लेंडिंग स्पेस में कॉम्पीटिशन (Competition) काफी इंटेंस (Intense) है। निवेशक भविष्य में इन विशिष्ट सेगमेंट्स की ग्रोथ रेट और कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट पोर्टफोलियो में गिरावट के स्थिर होने या जारी रहने पर नजर रख सकते हैं।
