Shriram Finance ने फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए **18-20%** एसेट ग्रोथ का लक्ष्य रखा है। कंपनी इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) फाइनेंसिंग में तेजी से आगे बढ़ रही है, जिसमें मंथली **₹250 करोड़** का लोन डिस्बर्सल हो रहा है। जापान की MUFG से मिले **₹39,618 करोड़** के बड़े कैपिटल इनफ्यूजन से कंपनी की विस्तार योजनाएं मजबूत हुई हैं।
कमर्शियल व्हीकल डिमांड पर भरोसा
Shriram Finance, जो भारत में व्हीकल फाइनेंसिंग के क्षेत्र में एक बड़ा नाम है, कमर्शियल व्हीकल (CV) डिमांड को लेकर पॉजिटिव बनी हुई है। हालांकि कमोडिटी की बढ़ती कीमतों के चलते गाड़ियों के दाम बढ़े हैं, कंपनी का मानना है कि देश की इकोनॉमिक एक्टिविटी क्रेडिट की मांग को सपोर्ट करती रहेगी। यह भरोसा फाइनेंशियल ईयर 2027 की मजबूत शुरुआत के बाद आया है, जिसमें कंपनी ने पहली तिमाही में ₹3,444.56 करोड़ का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 59.8% ज्यादा है।
इलेक्ट्रिक व्हीकल फाइनेंसिंग पर फोकस
कंपनी का एक बड़ा फोकस अब इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) फाइनेंसिंग पर है। Shriram Finance ने इस सेगमेंट में जबरदस्त वृद्धि देखी है, जहां मंथली लोन डिस्बर्सल बढ़कर ₹250 करोड़ हो गया है, जो एक साल पहले सिर्फ ₹50 करोड़ था। कंपनी को उम्मीद है कि अगले साल यह आंकड़ा ₹500 करोड़ तक पहुंच सकता है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए, कंपनी ने VinFast India जैसी कंपनियों के साथ हाथ मिलाया है, ताकि दो, तीन और चार पहिया EV खरीदारों के लिए खास फाइनेंसिंग समाधान पेश किए जा सकें। इस रणनीति का मकसद इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सेक्टर में शुरुआती बढ़त का फायदा उठाना है।
कैपिटल स्ट्रेंथ और विस्तार
Shriram Finance की आक्रामक विस्तार योजनाओं को जापान की MUFG से मिले बड़े निवेश का सहारा मिला है, जिसने हाल ही में 20% हिस्सेदारी के लिए ₹39,618 करोड़ का निवेश किया है। इस निवेश से Shriram Finance को पर्याप्त फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी मिली है, जिसका उपयोग कंपनी कम से कम 2030 तक करने की योजना बना रही है। कंपनी इस फाइनेंशियल ईयर में लगभग 150 नए ब्रांच खोलने और हजारों नए कर्मचारी नियुक्त करने की विस्तार योजना पर काम कर रही है। इस नेटवर्क विस्तार से कंपनी को ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में अपनी मार्केट हिस्सेदारी बढ़ाने में मदद मिलेगी, जिससे अगले पांच सालों में कंपनी का आकार दोगुना करने का लक्ष्य पूरा हो सकेगा।
रिस्क और निगरानी
हालांकि ग्रोथ का अनुमान मजबूत है, लेकिन निवेशकों को कुछ वित्तीय मैट्रिक्स पर बारीकी से नजर रखनी होगी। जैसे-जैसे कंपनी अपने लोन बुक का विस्तार कर रही है और EVs जैसे नए सेगमेंट में कदम रख रही है, एसेट क्वालिटी बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा। FY27 की पहली तिमाही में, कंपनी का ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) रेशियो 4.64% रहा। यह कंपनी के मजबूत रिस्क मैनेजमेंट को दर्शाता है, लेकिन शेयरधारक इस पर नजर रखेंगे कि 18-20% एसेट ग्रोथ के लक्ष्य को हासिल करने में कहीं लोन पोर्टफोलियो की क्वालिटी से समझौता तो नहीं हो रहा। इसके अलावा, EVs की ओर लोन मिक्स में बदलाव से प्रॉफिट मार्जिन पर भी असर पड़ सकता है, क्योंकि इन एसेट्स के लिए ब्याज दरें और रिस्क प्रोफाइल पारंपरिक CV लोन से अलग हो सकते हैं। आने वाली तिमाहियों में, मानसून के दौरान माल ढुलाई दरों (freight rates) और ग्रामीण मांग में संभावित अस्थिरता से निपटने की कंपनी की क्षमता भी उसके प्रदर्शन का एक महत्वपूर्ण कारक होगी।
