मुनाफे में उछाल, शेयर में गिरावट
Shriram Finance ने अपने नतीजों से निवेशकों को एक तरफ खुश किया तो दूसरी तरफ चिंता में भी डाल दिया। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 41% बढ़कर ₹3,013.6 करोड़ हो गया। यह एक बड़ी उपलब्धि है। लेकिन, बाजार की प्रतिक्रिया इसके उलट रही और शेयर में करीब 5% की गिरावट आई, जो ₹963.75 के स्तर पर पहुंच गया। ऐसा माना जा रहा है कि निवेशक प्रॉफिट की बजाय कंपनी के पैसेंजर व्हीकल (PV), MSME और कमर्शियल व्हीकल (CV) लोन पोर्टफोलियो की एसेट क्वालिटी (Asset Quality) को लेकर कुछ चिंतित हैं।
ब्रोकरेज फर्मों का भरोसा बरकरार
बाजार की इस छोटी-मोटी घबराहट के बावजूद, कई प्रमुख ब्रोकरेज फर्म Shriram Finance के भविष्य को लेकर काफी पॉज़िटिव (Positive) हैं। Motilal Oswal Financial Services और Nomura जैसी संस्थाओं ने तो शेयर के लिए ₹1,200 का हाई टारगेट सेट किया है। वहीं, JM Financial ने भी अपना टारगेट बढ़ाकर ₹1,175 कर दिया है। एनालिस्ट्स का मानना है कि कंपनी का डाइवर्सिफाइड लेंडिंग बिजनेस (Diversified Lending Business), मजबूत सिक्योर्ड एसेट बेस और MUFG के स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टमेंट (Strategic Investment) इसे आगे बढ़ने में मदद करेंगे।
लोन क्वालिटी और लागत पर फोकस
एनालिस्ट्स द्वारा उठाई गई मुख्य चिंता पैसेंजर व्हीकल, MSME और कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में लोन की क्वालिटी में आई मामूली गिरावट है, जो वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं का असर दिखाती है। हालांकि, कंपनी ने खर्चों पर अच्छी पकड़ बनाए रखी है। ऑपरेशनल एक्सपेंसेस (Operating Expenses) में 2% की कमी आई है, जो ₹1,870 करोड़ रहा। यह पिछले अनुमान से 13% कम है। इस कमी में इम्प्लॉई कॉस्ट (Employee Costs) में हुई कटौती का बड़ा योगदान है। इसके अलावा, जनवरी 2026 से टू-व्हीलर लोन पर लागू होने वाले नए अकाउंटिंग नियमों से रिपोर्ट किए गए शुल्कों (Fees) में ₹51.5 करोड़ की कमी आएगी। कंपनी का लक्ष्य मीडियम-टर्म में अपना कॉस्ट-टू-इनकम रेशियो (Cost-to-Income Ratio) 26-27% के दायरे में रखना है।
ग्रोथ का भविष्य
कंपनी के मैनेजमेंट का अनुमान है कि फाइनेंसियल ईयर 2027 (FY27) तक लोन की ग्रोथ 15-18% के बीच रह सकती है। यह फाइनेंसियल ईयर 2026 (FY26) में एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में देखे गए 15% की ग्रोथ को दर्शाता है। भले ही कुछ एनालिस्ट्स ने सेक्टर की चुनौतियों को देखते हुए FY27-29 के लिए लोन ग्रोथ के अनुमानों को थोड़ा कम किया हो, लेकिन उन्होंने ऑपरेशनल खर्च में कटौती और बेहतर मार्जिन की उम्मीदों से नेट प्रॉफिट का अनुमान करीब 5% बढ़ा दिया है। ऐसे में, बदलते आर्थिक माहौल में Shriram Finance किस तरह से लोन क्वालिटी को मैनेज करती है, यह देखना अहम होगा।
