Shriram Finance ने पहली तिमाही में अपने नेट प्रॉफिट में 60% का जोरदार उछाल दर्ज किया है, जो ₹3,445 करोड़ रहा। इस शानदार प्रदर्शन का मुख्य कारण नेट इंटरेस्ट इनकम और गोल्ड लोन पोर्टफोलियो में जबरदस्त ग्रोथ है। कंपनी के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में 15.3% की वृद्धि देखी गई है, वहीं मैनेजमेंट ने इस फाइनेंशियल ईयर के लिए 18% ग्रोथ का लक्ष्य रखा है। हालांकि, ग्रॉस बैड लोन में मामूली बढ़ोतरी निवेशकों की चिंता बढ़ा सकती है।
Detailed Coverage
Shriram Finance की दमदार शुरुआत
Shriram Finance ने नए फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत दमदार की है। जून 2026 को समाप्त हुई तिमाही के लिए कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट ₹3,445 करोड़ रहा। यह पिछले साल की इसी तिमाही में दर्ज किए गए ₹2,156 करोड़ के प्रॉफिट की तुलना में 60% ज्यादा है। इस बेहतरीन परफॉर्मेंस के पीछे सबसे बड़ा हाथ नेट इंटरेस्ट इनकम (Net Interest Income) में 34% की बढ़ोतरी का रहा, जो बढ़कर ₹8,056 करोड़ तक पहुंच गई। यह ग्रोथ कंपनी के विभिन्न प्रमुख लोन सेगमेंट्स में आई तेजी की बदौलत संभव हुई।
प्रमुख लेंडिंग सेगमेंट्स में ग्रोथ का दम
कंपनी को पैसेंजर और कमर्शियल व्हीकल फाइनेंस सेगमेंट्स में 21% और 19% की ग्रोथ मिली है। वहीं, गोल्ड लोन पोर्टफोलियो में 45% का जबरदस्त इजाफा हुआ है, जो कंपनी के बिजनेस मिक्स में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देता है। टोटल एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) बढ़कर ₹313,798 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल के ₹272,249 करोड़ की तुलना में 15.3% अधिक है। कंपनी के मैनेजमेंट ने पूरे फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए AUM ग्रोथ का लक्ष्य 18% रखा है। कमर्शियल व्हीकल लोन अभी भी पोर्टफोलियो का सबसे बड़ा हिस्सा बने हुए हैं, जो टोटल एसेट्स का 47% है।
एसेट क्वालिटी और प्रोविजन्स पर एक नजर
जहां एक ओर कंपनी ने शानदार वित्तीय नतीजे पेश किए हैं, वहीं एसेट क्वालिटी के मामले में मिले-जुले संकेत मिले हैं। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) यानी ओवरड्यू लोन का आंकड़ा तिमाही के लिए 4.64% रहा, जो पिछली तिमाही के 4.58% और पिछले साल की इसी तिमाही के 4.53% की तुलना में मामूली रूप से अधिक है। मैनेजमेंट के अनुसार, यह हल्का दबाव मुख्य रूप से कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट और छोटे बिजनेस (MSME) सेगमेंट्स में देखा गया है। इसके चलते, कंपनी ने संभावित लोन हानियों के लिए अपने प्रोविजन्स को बढ़ाकर ₹1,463 करोड़ कर दिया है, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹1,286 करोड़ था। यह कदम बैलेंस शीट को सुरक्षित रखने के लिए उठाया गया है।
MUFG बैंक द्वारा रणनीतिक हिस्सेदारी का अधिग्रहण
इस तिमाही में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक घटनाक्रम हुआ जब Mitsubishi UFJ Financial Group (MUFG Bank) ने Shriram Finance में 20% हिस्सेदारी का अधिग्रहण पूरा किया। यह डील भारतीय फाइनेंशियल सर्विसेज स्पेस में सबसे बड़े क्रॉस-बॉर्डर निवेशों में से एक है। कंपनी ने इस कैपिटल प्रोसीड्स में से ₹37,451.2 करोड़ का इस्तेमाल किया, जबकि शेष ₹2,166.7 करोड़ को लिक्विड म्यूचुअल फंड्स में निवेश किया गया, जिससे उसकी कैश पोजीशन और मजबूत हुई है। निवेशक इस नई पूंजी और एक ग्लोबल बैंक के साथ साझेदारी के असर पर नजर रखेंगे कि यह आने वाली तिमाहियों में कंपनी की लॉन्ग-टर्म लेंडिंग क्षमता और उधार लेने की लागत को कैसे प्रभावित करता है।
