Shriram Finance के MD और CEO पराग शर्मा ने पुष्टि की है कि जापान की MUFG बैंक के साथ ₹39,618 करोड़ की डील के बाद कंपनी अगले पांच साल तक के लिए पूरी तरह से फंडेड है। अब कंपनी 18-20% सालाना क्रेडिट ग्रोथ का लक्ष्य लेकर चल रही है, जो मजबूत बैलेंस शीट और कम उधार लागत से संभव होगा। साथ ही, कंपनी EV लीजिंग और फार्म इक्विपमेंट जैसे नए सेगमेंट में भी विस्तार करेगी।
Shriram Finance पर अब अगले 5 साल कैपिटल का बोझ नहीं
भारत के नॉन-बैंकिंग फाइनेंसिंग सेक्टर की बड़ी कंपनी Shriram Finance ने ऐलान किया है कि उन्हें अगले पांच सालों तक किसी भी फ्रेश कैपिटल यानी नए पैसे की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। यह बड़ा ऐलान जापान की MUFG बैंक द्वारा अप्रैल 2026 में कंपनी में करीब ₹39,618 करोड़ का निवेश कर 20% हिस्सेदारी खरीदने के बाद आया है। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO पराग शर्मा ने कहा कि इस निवेश से कंपनी की बैलेंस शीट काफी मजबूत हो गई है, जिससे विस्तार के लिए बार-बार इक्विटी बेचने की ज़रूरत खत्म हो गई है।
ग्रोथ का नया प्लान और नए मार्केट
पूंजी की चिंता ख़त्म होने के बाद, कंपनी अब तेजी से विस्तार पर ध्यान केंद्रित कर रही है। Shriram Finance अब सालाना 18-20% की क्रेडिट ग्रोथ का लक्ष्य लेकर चल रही है। मैनेजमेंट अपनी मजबूत पूंजी के दम पर नए सेगमेंट्स में कदम रखेगी, जिसमें बड़े ऑपरेटर्स के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) लीजिंग और पुराने ट्रैक्टर जैसे फार्म इक्विपमेंट की फाइनेंसिंग शामिल है। इन नई पहलों के बावजूद, कंपनी ने यह साफ़ किया है कि वे बड़े कॉर्पोरेट लेंडिंग से दूर रहेंगे और अपने मुख्य फोकस यानी रिटेल और सेमी-अर्बन मार्केट पर ही टिके रहेंगे।
शानदार फाइनेंशियल परफॉरमेंस और लागत में कमी
हाल ही में घोषित Q1 FY27 नतीजों में, Shriram Finance ने दमदार प्रदर्शन दिखाया है। नेट प्रॉफिट में साल-दर-साल 60% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹3,447 करोड़ पर पहुँच गया। कंपनी अपनी उधार लागत (Cost of Funds) को कम करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है। हाल ही में क्रेडिट रेटिंग AAA तक अपग्रेड होने के बाद, कंपनी को उम्मीद है कि उसकी उधार लागत 50-60 बेसिस पॉइंट तक कम हो जाएगी। इसका फायदा उठाने के लिए, कंपनी Q2 FY27 में करीब ₹20,000 करोड़ उधार लेने की योजना बना रही है। मैनेजमेंट का लक्ष्य नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) को करीब 8.5% के स्तर पर बनाए रखना है, जो कंपनी के लोन बुक को बढ़ाने के साथ-साथ निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण मेट्रिक होगा।
जोखिम और मार्केट का माहौल
हालांकि कंपनी की कैपिटल पोजीशन मजबूत है, लेकिन NBFC सेक्टर के सामान्य जोखिम बने हुए हैं। EV लीजिंग और सप्लाई चेन फाइनेंसिंग जैसे नए बिज़नेस लाइन्स में विस्तार से एग्जीक्यूशन रिस्क जुड़ा है, जिस पर निवेशकों को नज़र रखनी चाहिए क्योंकि ये फर्म के लिए अपेक्षाकृत नए क्षेत्र हैं। इसके अलावा, कंपनी का बिजनेस मॉडल मैक्रोइकोनॉमिक फैक्टर्स के प्रति संवेदनशील बना हुआ है। ग्रामीण क्रेडिट की मांग अप्रत्याशित कारकों जैसे बारिश के पैटर्न पर निर्भर करती है, जो ग्राहकों की चुकाने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है। इसके अलावा, ईंधन की कीमतों में अचानक वृद्धि या महंगाई बढ़ने से कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट पर दबाव आ सकता है, जो Shriram Finance के पोर्टफोलियो का एक मुख्य हिस्सा है।
आगे चलकर, शेयरधारकों के लिए मुख्य देखने वाली बातें यह होंगी कि कंपनी अपनी विस्तार की रणनीति को एसेट क्वालिटी से समझौता किए बिना कैसे लागू करती है, और क्या वे प्रतिस्पर्धी लेंडिंग माहौल में अपने NIMs को लगातार बनाए रख पाते हैं।
