Shriram Finance ने अब भारत में मौजूद करीब 1,500 जापानी मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को लोन देने की रणनीति बनाई है। MUFG से मिले **₹39,618 करोड़** के फंड के दम पर कंपनी **18%** की ग्रोथ का लक्ष्य लेकर चल रही है।
जापानी मार्केट पर कंपनी की नजर
Shriram Finance ने अपने बिजनेस मॉडल को विविधीकरण (diversify) देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब कंपनी टोयोटा, सुजुकी, होंडा और यामाहा जैसी दिग्गज जापानी कंपनियों के सप्लायर्स और डीलर्स को फाइनेंस करेगी। अब तक कंपनी का मुख्य फोकस पुरानी गाड़ियों के लोन पर रहा है, लेकिन अब कंपनी सप्लाई-चेन और इन्वेंट्री फाइनेंसिंग के जरिए अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है।
MUFG की हिस्सेदारी और पूंजी
जापान के दिग्गज ग्रुप Mitsubishi UFJ Financial Group (MUFG) ने कंपनी में 20% हिस्सेदारी खरीदी है, जिसके लिए ₹39,618 करोड़ का निवेश किया गया है। इस फंड से कंपनी की फंडिंग लागत कम होगी, जिससे वे सप्लाई-चेन फाइनेंसिंग में काफी प्रतिस्पर्धी रेट्स दे पाएंगे।
बड़े विस्तार का प्लान और जोखिम
कंपनी ने इस फाइनेंशियल ईयर में अपने क्रेडिट बुक को 18% तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को पाने के लिए 100 नई शाखाएं खोली जाएंगी और 3,000 नए कर्मचारी रखे जाएंगे। हालांकि, इतनी तेजी से विस्तार करने में एसेट क्वालिटी को बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होगी।
रेगुलेटरी चुनौतियां
RBI फिलहाल NBFCs द्वारा MSMEs को दिए जाने वाले वर्किंग कैपिटल लोन पर बारीकी से नजर रख रही है। अगर भविष्य में रेगुलेटर नियमों को और सख्त करते हैं, तो कंपनी के इस नए बिजनेस मॉडल पर असर पड़ सकता है। फिलहाल स्टॉक ₹1,060 से ₹1,070 के दायरे में ट्रेड कर रहा है।
