केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बैंकों से ग्रामीण महिला उद्यमियों के लिए क्रेडिट एक्सेस में आ रही दिक्कतों को फौरन खत्म करने को कहा है। सरकार DAY-NRLM स्कीम के तहत 'लखपति दीदी' प्रोग्राम को रफ्तार देने पर जोर दे रही है, जिसके लिए अब तक **₹13.67 लाख करोड़** बांटे जा चुके हैं।
मुंबई में 3 सितंबर, 2026 को आयोजित एक हाई-लेवल समिट में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बैंकों, RBI और NABARD के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने लोन अप्रूवल प्रोसेस को पूरी तरह बदलने का आह्वान किया। सरकार का लक्ष्य अब 'ग्रुप-बेस्ड लैंडिंग' से आगे बढ़कर व्यक्तिगत महिला उद्यमियों को सीधे वित्तीय सहायता प्रदान करना है, जो 'फाइनेंशियल इंक्लूजन 2.0' का मुख्य हिस्सा है।
'लखपति दीदी' का विस्तार
मौजूदा आंकड़ों के अनुसार, 3.46 करोड़ महिलाएं पहले ही 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं, जिनकी सालाना आय ₹1 लाख से ज्यादा है। अब सरकार का फोकस उन महिलाओं पर है जो खुद के माइक्रो-एंटरप्राइज चला रही हैं।
जवाबदेही और हेल्पलाइन
अब बैंक शाखाओं की त्रैमासिक वर्चुअल समीक्षा और छमाही भौतिक निरीक्षण अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही, एक समर्पित हेल्पलाइन भी शुरू की गई है, ताकि SHG सदस्य लोन रिजेक्शन या देरी की शिकायत सीधे मंत्रालय से कर सकें।
बैंकों के सामने चुनौतियां
हालांकि यह कदम बड़ा है, लेकिन बैंकिंग सेक्टर के लिए लोन क्वालिटी और तेजी के बीच संतुलन बनाना एक बड़ी चुनौती है। अगर बैंक अपनी जटिल कागजी प्रक्रिया को सरल बना पाते हैं, तो इससे उनके रूरल लोन बुक में तो इजाफा होगा, लेकिन निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि क्या यह तेजी एसेट क्वालिटी पर कोई दबाव तो नहीं डालेगी।
