Shiprocket के शेयर आज शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री के साथ 48% उछलकर ₹143.1 पर बंद हुए, जो कि इश्यू प्राइस ₹97 से काफी ऊपर है। इस बीच, Goldman Sachs India Equity Portfolio ने इस ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स कंपनी में ₹52.7 करोड़ में 0.55% हिस्सेदारी खरीदी है।
Shiprocket की शेयर बाजार में दमदार शुरुआत
ई-कॉमर्स एनेबलमेंट और लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म Shiprocket ने 19 अगस्त 2026 को शेयर बाजार में शानदार आगाज किया है। लिस्टिंग के दिन शेयर की क्लोजिंग प्राइस ₹143.1 रही, जो कि इसके इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के ₹97 के इश्यू प्राइस से लगभग 48% ज्यादा है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर शेयर ₹131 पर खुले थे और पूरे दिन निवेशकों ने इसमें दिलचस्पी दिखाई।
Goldman Sachs का बड़ा दांव
इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स ने भी Shiprocket पर भरोसा जताया है। Goldman Sachs India Equity Portfolio ने बल्क डील के जरिए कंपनी में 0.55% हिस्सेदारी खरीदी है। यह डील ₹52.7 करोड़ में हुई और प्रति शेयर भाव ₹131 रहा। इससे पहले, कंपनी का IPO लगभग 99 गुना सब्सक्राइब हुआ था, जिसने रिटेल और इंस्टीट्यूशनल दोनों निवेशकों की भारी मांग का संकेत दिया था।
कंपनी के सामने वित्तीय चुनौतियां
बाजार में अच्छी शुरुआत के बावजूद, Shiprocket के सामने कुछ बड़ी वित्तीय चुनौतियां हैं। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी ने ₹79.25 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया था। IPO से जुटाई गई पूंजी का इस्तेमाल करके कंपनी मुनाफा कमाने की राह पर कैसे आगे बढ़ेगी, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। कंपनी का कहना है कि इस पैसे का इस्तेमाल टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट और कर्ज चुकाने में किया जाएगा, जो कंपनी की वित्तीय सेहत के लिए जरूरी है।
लॉजिस्टिक्स सेक्टर में कड़ी प्रतिस्पर्धा
भारत का ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स सेक्टर काफी प्रतिस्पर्धी है। कई कंपनियां बाजार हिस्सेदारी के लिए जोर-आजमाइश कर रही हैं, जिससे प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव बन सकता है। निवेशकों को यह देखना होगा कि कंपनी इस भीड़ भरे बाजार में लागत कैसे मैनेज करती है और रेवेन्यू ग्रोथ कैसे बनाए रखती है। भविष्य के तिमाही नतीजे कंपनी के लिए महत्वपूर्ण होंगे ताकि यह पता चल सके कि वह बाहरी फंडिंग पर अपनी निर्भरता कम कर पाती है या नहीं।
अन्य लिस्टिंग और बाजार की हलचल
इसी दिन, Behari Lal Engineering ने भी शेयर बाजार में सफल लिस्टिंग की। इसके शेयर इश्यू प्राइस ₹285 से 78.25% बढ़कर ₹508 पर बंद हुए। इस लिस्टिंग को भी इंस्टीट्यूशनल बाइंग का सहारा मिला, जिसमें 360 ONE Mutual Fund ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई। BNP Paribas Financial Markets और SIS Limited जैसी अन्य कंपनियों ने भी LEAP India और Updater Services जैसी कंपनियों में निवेश किया। इन घटनाओं ने प्राइमरी मार्केट लिस्टिंग और इंस्टीट्यूशनल ब्लॉक डील के लिए एक व्यस्त दिन दिखाया।
