शेयर बाज़ार में आज Sheraton Properties & Finance के नतीजों ने सबको हैरान कर दिया। कंपनी ने दिसंबर तिमाही (Q3 FY26) में अपने ऑपरेशन्स से ₹0 का रेवेन्यू दर्ज किया है। इसका मतलब है कि कंपनी के मुख्य कारोबार से इस तिमाही में कोई भी कमाई नहीं हुई।
पूरे ₹228.60 लाख की टोटल इनकम (Total Income) 'Other Income' के माध्यम से आई है। यह पिछले साल की समान अवधि के ₹253.79 लाख की तुलना में 9.93% की गिरावट दर्शाता है। आमतौर पर, 'Other Income' में ब्याज या संपत्ति की बिक्री जैसे गैर-मुख्य स्रोत से होने वाली कमाई शामिल होती है।
इस स्थिति का सीधा असर कंपनी के मुनाफे पर पड़ा। नेट प्रॉफिट (PAT) पिछले साल की समान अवधि के ₹186.04 लाख से 10.29% घटकर ₹166.88 लाख रह गया। वहीं, बेसिक ईपीएस (EPS) भी गिरकर ₹13.91 पर आ गया, जो पिछले साल ₹15.50 था। चालू फाइनेंशियल ईयर के पहले नौ महीनों (Nine-month) के लिए भी पीएटी (PAT) में 3.37% की गिरावट आई है और यह ₹437.75 लाख रहा।
एक तरफ जहां नेट प्रॉफिट में गिरावट दिखी, वहीं 'Other Comprehensive Income/(Loss)' के मोर्चे पर कुछ राहत मिली है। इस तिमाही में यह घाटा ₹1,902.53 लाख रहा, जबकि पिछले साल यह ₹6,196.45 लाख था। इसके परिणामस्वरूप, टोटल कॉम्प्रिहेंसिव इनकम (Total Comprehensive Income) का कुल घाटा घटकर ₹1,735.65 लाख पर आ गया, जो पिछले साल ₹6,010.41 लाख था।
हालांकि, निवेशकों के लिए एक बड़ी चिंता यह है कि कंपनी ने इस नतीजे के साथ बैलेंस शीट (Balance Sheet) और कैश फ्लो (Cash Flow) स्टेटमेंट जैसे अहम वित्तीय आंकड़े जारी नहीं किए हैं। ऐसे में, कंपनी की वास्तविक वित्तीय स्थिति और नकदी की स्थिति का पूरी तरह से आकलन करना बेहद मुश्किल है।
यह पूरी तरह से 'Other Income' पर निर्भरता और अपने मुख्य व्यवसाय से शून्य रेवेन्यू, कंपनी के दीर्घकालिक मॉडल पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जब तक कंपनी अपने मुख्य ऑपरेशन्स से कमाई करना शुरू नहीं करती, तब तक उसके टिकाऊपन पर बड़ा प्रश्नचिन्ह बना रहेगा। लगातार घटता मुनाफा और वित्तीय पारदर्शिता की कमी, शेयरधारकों के लिए बड़े जोखिम पैदा करती है।