Shapoorji Pallonji Group अपने कर्ज के बोझ को कम करने के लिए **$150 मिलियन** से **$200 मिलियन** के बीच प्राइवेट क्रेडिट जुटाने की तैयारी कर रही है। यह फंड कंपनी अपनी यूनिट Porteast Investment के डेट रीपेमेंट के लिए इस्तेमाल करेगी।
फंडिंग की रणनीति
ग्रुप ने अपनी सब्सिडियरी Eqyizen Investment के जरिए इस फंड को जुटाने की योजना बनाई है, जिसे नवंबर के मध्य तक फाइनल किए जाने का लक्ष्य है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य Porteast Investment के ऊपर चल रहे कर्ज का भुगतान करना है, ताकि कंपनी के बैलेंस शीट को कुछ राहत मिल सके। हालांकि, प्राइवेट क्रेडिट का ब्याज दर बैंक लोन के मुकाबले काफी ज्यादा होता है, जो ग्रुप पर फाइनेंशियल दबाव की ओर इशारा करता है।
टाटा सन्स पर टिकी हैं निगाहें
यह कोई पहला मौका नहीं है जब ग्रुप ने प्राइवेट मार्केट का रुख किया है। सितंबर में ही Mercury Finance के जरिए कंपनी ने लगभग ₹4,450 करोड़ जुटाए थे। ग्रुप का मुख्य फोकस अपनी 18.4% की Tata Sons में हिस्सेदारी को मोनेटाइज (Monetize) करने पर है, लेकिन टाटा सन्स के अनलिस्टेड होने और आंतरिक विवादों के कारण यह प्रक्रिया लंबी खिंचती जा रही है।
निवेशकों के लिए क्यों है अहम?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि ग्रुप का लगातार प्राइवेट क्रेडिट पर निर्भर होना चिंता का विषय है। आने वाले हफ्तों में इस डील की ब्याज दर और शर्तें यह तय करेंगी कि कंपनी अपनी लिक्विडिटी (Liquidity) की समस्या को कितनी मजबूती से हैंडल कर पा रही है। ग्रुप के लिए मैच्योरिटी वॉल्स (Maturity Walls) को मैनेज करना फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता बनी हुई है।
