Shapoorji Pallonji Group के बॉन्ड्स में लौटी रौनक, Tata Sons में हिस्सेदारी बिकने की उम्मीद से बढ़ा भरोसा

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AuthorNeha Patil|Published at:
Shapoorji Pallonji Group के बॉन्ड्स में लौटी रौनक, Tata Sons में हिस्सेदारी बिकने की उम्मीद से बढ़ा भरोसा

Shapoorji Pallonji Group के बॉन्ड्स की कीमतों में अचानक उछाल देखा गया है। निवेशक इस उम्मीद में खरीदारी कर रहे हैं कि कंपनी Tata Sons में अपनी हिस्सेदारी बेचकर भारी-भरकम कर्ज का बोझ कम करेगी।

Shapoorji Pallonji Group के बॉन्ड होल्डर्स के लिए यह राहत भरी खबर है। कंपनी द्वारा Tata Sons में अपनी 18.4% हिस्सेदारी बेचने की चर्चाओं ने बॉन्ड बाजार में नया जोश भर दिया है। जैसे-जैसे हिस्सेदारी बिकने की उम्मीदें बढ़ रही हैं, कंपनी के बॉन्ड्स की कीमतें ऊपर जा रही हैं और यील्ड (Yield) में गिरावट दर्ज की गई है।

कर्ज कम करने की चुनौती

निवेशकों को भरोसा है कि अगर यह डील सिरे चढ़ती है, तो ग्रुप के पास पर्याप्त कैश लिक्विडिटी आ जाएगी। ग्रुप पर कुल ₹500 अरब से ज्यादा का कर्ज है, जिसे चुकाना कंपनी की साख बनाए रखने के लिए सबसे बड़ी चुनौती है।

रिस्क और चुनौतियां

हालांकि बॉन्ड्स के दाम बढ़े हैं, लेकिन यह निवेश अभी भी जोखिम भरा है। ये बॉन्ड्स Eqyizen Investment और Porteast Investment जैसे इन्वेस्टमेंट व्हीकल्स के जरिए जारी किए गए हैं, जो पब्लिक एक्सचेंज (जैसे NSE या BSE) पर ट्रेड नहीं होते। साथ ही, Tata Group के साथ कानूनी और स्ट्रक्चरल विवादों का इतिहास रहा है, जिसके चलते इस हिस्सेदारी की बिक्री की प्रक्रिया लंबी और जटिल हो सकती है। यदि डील में देरी होती है या शर्तों में बदलाव आता है, तो कंपनी के सामने पेमेंट डेडलाइंस का संकट फिर से खड़ा हो सकता है।

फिलहाल, बाजार की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कंपनी कितनी जल्दी इस डील को पूरा कर पाती है और डेट रिफाइनेंसिंग की क्या योजना रहती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.