भारतीय शेयर बाजार के लिए सोमवार की शुरुआत राहत भरी रही। बैंकिंग शेयरों में आई जोरदार तेजी के दम पर Sensex और Nifty ने लगातार **8** हफ्तों से जारी गिरावट के सिलसिले को आखिरकार तोड़ दिया है।
लगातार 8 हफ्तों की भारी बिकवाली के बाद भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स ने सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को शानदार वापसी की है। पिछले दो दशकों में यह भारतीय बाजारों के लिए सबसे लंबी गिरावट रही थी, जिसका मुख्य कारण विदेशी निवेशकों का पैसा निकालना और कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में उतार-चढ़ाव रहा।
HDFC Bank में बड़ा बदलाव
बाजार की इस तेजी में बैंकिंग सेक्टर सबसे आगे रहा। निवेशकों के सेंटिमेंट को HDFC Bank की ओर से जारी एक बड़ी खबर से बड़ा सहारा मिला। बैंक ने स्पष्ट किया है कि अनुप बागची (Anup Bagchi) नए मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO का पद संभालेंगे, जो 27 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगा। वे शशिधर जगदीशन (Sashidhar Jagdishan) की जगह लेंगे। लीडरशिप में इस स्पष्टता ने फाइनेंशियल शेयरों को हालिया निचले स्तरों से ऊपर उठाने में मदद की है।
RBI की पॉलिसी पर टिकी नजरें
अब निवेशकों की निगाहें रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की मीटिंग पर हैं, जो 7 अक्टूबर 2026 तक चलेगी। जानकारों का मानना है कि RBI रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी कर सकता है, जिससे यह दर 5.50% तक पहुँच सकती है। हालांकि ऊंची ब्याज दरें विकास के लिए चुनौती हो सकती हैं, लेकिन बैंक इसे अपने लोन मार्जिन बढ़ाने के मौके के रूप में भी देख रहे हैं।
क्या यह रिकवरी टिकेगी?
बाजार के जानकारों का मानना है कि अभी स्थिति नाजुक है। यह उछाल 'शॉर्ट कवरिंग' (Short Covering) का नतीजा भी हो सकता है, जहां जिन ट्रेडर्स ने मार्केट के गिरने पर दांव लगाया था, वे अब अपनी पोजीशन काट रहे हैं। निवेशकों को अब बुधवार को आने वाले RBI के फैसलों का इंतजार है। अगर केंद्रीय बैंक भविष्य में ब्याज दरों को लेकर नरम रुख अपनाता है, तो बाजार को और सहारा मिल सकता है, लेकिन अगर महंगाई और ग्लोबल तेल कीमतें इसी तरह बनी रहीं, तो अस्थिरता बरकरार रह सकती है।
