सेंसेक्स-निफ्टी में 1% की उछाल! IT और बैंकिंग स्टॉक्स की शानदार तेजी

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
सेंसेक्स-निफ्टी में 1% की उछाल! IT और बैंकिंग स्टॉक्स की शानदार तेजी

भारतीय शेयर बाज़ारों में आज ज़बरदस्त तेज़ी देखी गई। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों 1% से ज़्यादा चढ़े, जिसमें आईटी और बैंकिंग सेक्टर्स के शेयरों ने बाज़ार को संभाला। Tech Mahindra के दमदार तिमाही नतीजों ने भी इस तेज़ी में अहम भूमिका निभाई।

बाज़ार में आई तेज़ी की वजह?

आज यानी शुक्रवार को भारतीय शेयर बाज़ार की शुरुआत काफी मजबूत हुई। BSE सेंसेक्स 1% से ज़्यादा चढ़कर 77,989.44 के इंट्राडे हाई पर पहुंचा, वहीं NSE निफ्टी भी 24,288.90 के स्तर को पार कर गया। इस तेज़ी की मुख्य वजह बड़े और भारी-भरकम शेयरों के साथ-साथ आईटी (IT) सेक्टर में हुई खरीदारी है।

Tech Mahindra का कमाल और IT सेक्टर में उछाल

दिन की तेज़ी में आईटी सेक्टर का बड़ा योगदान रहा। Tech Mahindra के शेयर 3% तक चढ़ गए। कंपनी ने जून तिमाही में अपने नेट प्रॉफिट में 28.4% की बढ़ोतरी दर्ज की, जो ₹1,465 करोड़ रहा। इस शानदार नतीजे ने पूरे आईटी सेक्टर में जोश भर दिया। Infosys के शेयर 1.5% चढ़े, जबकि Tata Consultancy Services (TCS) और HCL Technologies में 2% से ज़्यादा की बढ़त देखी गई।

बैंकिंग शेयरों का जलवा

बड़े बैंकिंग शेयरों ने भी बाज़ार को संभालने में अहम भूमिका निभाई। HDFC Bank के शेयर 1.3% और ICICI Bank के शेयर 1.2% चढ़े। निवेशकों की नज़र अब इन बैंकों के आने वाले नतीजों पर टिकी है, यह देखने के लिए कि क्या वे मौजूदा चुनौतियों के बावजूद लगातार ग्रोथ बनाए रख पाते हैं या नहीं। Reliance Industries के शेयर भी 2% बढ़कर ₹1,321 पर थे, कंपनी के भी तिमाही नतीजे आने वाले हैं।

ब्रॉडर मार्केट का मिला-जुला रुख

जहां एक तरफ सेंसेक्स और निफ्टी में ज़बरदस्त तेज़ी थी, वहीं दूसरी तरफ ब्रॉडर मार्केट में मिला-जुला रुख देखने को मिला। Nifty Midcap 100 इंडेक्स 0.61% और Nifty Smallcap 100 इंडेक्स 0.86% नीचे गिरे। इससे यह साफ है कि फिलहाल बड़े शेयरों में ज़्यादा खरीदारी हो रही है, जबकि छोटे और मझोले शेयरों में कुछ प्रॉफिट-बुकिंग या सावधानी देखी जा रही है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली और रुपी का हाल

वैश्विक स्तर पर पैसों के फ्लो का भी असर भारतीय बाज़ार पर दिख रहा है। हालांकि, गुरुवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने ₹4,206 करोड़ की बिकवाली की, लेकिन कुछ जानकारों का मानना है कि अगर दक्षिण कोरिया जैसे पड़ोसी देश अच्छा प्रदर्शन नहीं करते, तो भारत को फंड का पुनः आवंटन (reallocation) मिल सकता है। भारतीय रुपये में भी थोड़ी मजबूती आई है, यह 14 पैसे बढ़कर 96.28 के स्तर पर पहुंच गया, जो बाज़ार के लिए एक सकारात्मक संकेत है। अब निवेशक भारत के बड़े बैंकों के तिमाही नतीजों का इंतज़ार कर रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि मौजूदा शेयर वैल्यूएशन फंडामेंटल पर आधारित है या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.