भू-राजनीतिक चिंताओं के बीच बाजार की वापसी
भारतीय शेयर बाजार ने आज शुरुआती गिरावट को पार करते हुए ऊपरी स्तरों पर वापसी की। S&P BSE Sensex 168.96 अंक चढ़कर 78,662.50 के स्तर पर पहुंच गया, वहीं NSE Nifty50 में 21.05 अंकों की बढ़त दर्ज की गई और यह 24,374.60 पर कारोबार कर रहा है। यह मजबूती West Asia में बढ़ते तनाव और ब्रेंट क्रूड के $95 प्रति बैरल के पार जाने के बावजूद आई है।
Geojit की चिंता: निकट भविष्य में उतार-चढ़ाव की संभावना
Geojit Investments Limited के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट, Dr. VK Vijayakumar ने चेतावनी दी है कि निकट अवधि में बाजार में और अधिक उतार-चढ़ाव (volatility) देखने को मिल सकता है। उन्होंने ईरान के सख्त रुख, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने की धमकी और अमेरिका द्वारा ईरानी जहाज जब्त करने जैसी घटनाओं का हवाला दिया। 22 अप्रैल को युद्धविराम (ceasefire) की समाप्ति के बाद संघर्ष के बढ़ने की आशंकाओं ने अनिश्चितता बढ़ा दी है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के बावजूद, वैश्विक कच्चे तेल बाजार में कोई बड़ी घबराहट नहीं है।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का दबदबा
बाजार में एक दिलचस्प ट्रेंड यह रहा कि स्मॉल और मिडकैप सेगमेंट ने बेंचमार्क Nifty से बेहतर प्रदर्शन किया। Nifty Midcap और Nifty Smallcap इंडेक्स दोनों ही युद्ध-पूर्व स्तरों पर वापस आ गए हैं, जबकि Nifty अभी भी अपने पूर्व-संघर्ष स्तरों से लगभग 4% नीचे है। यह स्पष्ट करता है कि निवेशक इन छोटे और मझोले आकार की कंपनियों की मजबूत अर्निंग रिपोर्ट्स (earnings reports) पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
